एक साथ चुनाव से कम होगा खर्च, मजबूत होगा लोकतंत्र
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोटशेरा में चल रहे युवा उत्सव ग्रुप-एक के तहत वीरवार को ‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ पर डिबेट हुआ। अंतर कॉलेज की इस स्पर्धा में पहुंचे प्रतिभागियों ने विषय के पक्ष और विपक्ष में तर्क देकर बताया कि वे अपने लोकतंत्र और अपने मत को लेकर कितने सजग हैं।
विषय के पक्ष में प्रतिभागियों ने कहा कि पूरे देश में एक साथ पंचायत, नगर निकाय, विधानसभा और लोकसभा चुनाव होंगे तो लोकतंत्र और लोकतांत्रिक व्यवस्था और मजबूत होगी। चुनाव को निष्पक्षता और सही ढंग से संचालित करना भी आसान होगा।
मतदाताओं को भी बार-बार मतदान के लिए नहीं जाना पड़ेगा। चुनावों में गड़बड़ी की आशंका भी कम होगी। सबसे ऊपर इससे राष्ट्र का बार-बार चुनाव पर होने वाला खर्च भी बचेगा।
वहीं विपक्ष में टीमों ने अपने ढंग से अलग-अलग चुनाव करवाने के पक्ष में तर्क रखे। इसमें कहा गया कि कश्मीर सहित दूरदराज क्षेत्रों में एक साथ चुनाव करवाना संभव नहीं हो पाएगा।
इन्होंने की अध्यक्षता
वहीं पूरे देश में एक साथ चुनाव करवाने को अधिक खर्च और प्रशिक्षित स्टाफ जैसी कई दिक्कतें पेश आएंगी, जिससे गड़बड़ी के साथ कानून व्यवस्था बनाए रखना भी आसान नहीं होगा।
इसलिए एक साथ चुनाव करवाना तर्कसंगत और संभव ही नहीं हो सकता। वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में 50 कॉलेजों की टीमों ने भाग लिया। संभाषण की हुई स्पर्धा में 62 टीमों ने भाग लिया।
युवा महोत्सव संचालन समिति के मुखिया डा. ओपी शर्मा ने बताया कि दूसरे दिन क्ले मॉडलिंग की स्पर्धा में 32, जबकि कोलाज मेकिंग में 34 कॉलेजों की टीमों ने भाग लिया। प्रश्नोत्तरी के हुए मुकाबलों में 50 कॉलेजों की टीमों ने भाग लिया।
इसकी प्रथम चरण में हुई लिखित परीक्षा में 120 प्रतिभागियों ने भाग लिया। युवा महोत्सव के दूसरे दिन के सुबह के सत्र की अध्यक्षता धामी सोलह मील कॉलेज की प्रिंसिपल डा. ललिता चंदन ने की, जबकि
दोपहर बाद के सत्र की अध्यक्षता संजौली कॉलेज के प्राचार्य डा. सीबी मेहता ने की। कोटशेरा कॉलेज के प्राचार्य डा. इंद्रजीत सिंह ने दूसरे दिन शुरू हुई स्पर्धाओं के प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।