एनआरआई कोटे की एमबीबीएस सीटों में कटौती, इन अभ्यर्थियों को होगा लाभ
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हिमाचल के मेडिकल कॉलेजों में एनआरआई कोटे की सीटों को कम कर दिया गया है। सरकार ने इन सीटों को 34 से घटाकर 20 कर दिया है। घटाई गईं सीटें अब सामान्य वर्ग से भरी जाएंगी। इसका प्रदेश के सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों को लाभ मिलेगा। ये अभ्यर्थी 35 से 40 लाख रुपये की जगह 2.60 लाख रुपये फीस देकर एमबीबीएस कर सकेंगे। एनआरआई के कोटे की सीटें पहले खाली रह जाती थीं।
नीट आधार पर एचपीयू की राज्य मेरिट में आने वाले अभ्यर्थी 2.60 लाख रुपये में एमबीबीएस कर सकेंगे। इसमें पहले सेमेस्टर में 60 हजार और अन्य पांच सेमेस्टर में 50 हजार प्रति सेमेस्टर के हिसाब से फीस चुकाएंगे। विवि के परीक्षा नियंत्रक डा. जेएस नेगी ने माना कि प्रदेश सरकार ने हिमाचल के छात्रों के हित में यह बड़ा फैसला लिया है। इससे पात्र अभ्यर्थियों को प्रवेश मिलने पर आर्थिक तौर पर भारी राहत मिलेगी।
सरकार के इस फैसले को लागू करने संबंधित शर्तें साइट पर उपलब्ध प्रोस्पेक्टस में साफ की गई हैं। स्वास्थ्य शिक्षा निदेशक डा. अशोक शर्मा ने भी इसकी पुष्टि की है। पिछले सत्र में सरकारी कॉलेजों में एनआरआई के लिए 15 फीसदी सीटें तय थीं, मगर इनमें से सिर्फ 27 ही सीटें भरी जा सकी थीं, शेष सीटें खाली रह गई थीं। एमबीबीएस के लिए तय किए एनआरआई कोटे में विदेश से जमा दो की परीक्षा और नीट परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थी ही पात्र होते हैं।
मेडिकल कॉलेजों में तय एनआरआई कोटे की सीटें
प्रदेश के छह मेडिकल कॉलेजों में आईजीएमसी शिमला और लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज मंडी नेरचौक में दो-दो, राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा, राधा कृष्णन गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हमीरपुर, जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा और डा. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज नाहन में एनआरआई कोटे की चार-चार सीट तय हैं।
पहले चंबा, नाहन मेडिकल कॉलेज में 13-13, टांडा में 4, आईजीएमसी में 2 और मेडिकल कॉलेज मंडी में एनआरआई कोटे की दो सीटें ही थीं।
मेडिकल यूनिवर्सिटी नेरचौक की अधिसूचना जारी- हिमाचल सरकार ने मेडिकल यूनिवर्सिटी नेरचौक को खोलने की अधिसूचना जारी कर दी है। मंत्रिमंडल की पूर्व में हुई बैठक में इसे खोलने पर फैसला ले लिया गया था।