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'ए' ग्रेड मिलने पर जश्न, सीएम ने अब एचपीयू को दिया नया टारगेट
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 31 Dec 2016 12:01 AM IST
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विश्वविद्यालय को नैक से ए ग्रेड मिलने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को हुए समारोह की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने विवि समुदाय को बधाई दी और कहा कि यहां न रुक कर विवि निरंतर आगे बढ़ता रहे और विवि का हर वर्ग अब ए प्लस ग्रेड के लिए कार्य करे।
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उन्होंने कहा कि तीन वर्ष बाद विश्वविद्यालय गोल्डन जुबली मनाएगा। विवि इसे सिर्फ सालगिरह के रूप में न मना कर इसे उपलब्धियों के वर्ष के रूप में मनाए। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि उनकी सरकार में हमेशा से शिक्षा विभाग उन्होंने अपने पास ही रखा है।
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यह विभाग टेंशन वाला है, बावजूद इसके उन्होंने शिक्षा और वित्त दोनों विभागों को अपने पास रखकर शिक्षा के प्रचार प्रसार और शिक्षण संस्थान खोलने और संचालित करने में कोई कमी नहीं आने दी। प्रदेश में 1500 के करीब शिक्षण संस्थान हैं। 116 से अधिक डिग्री कॉलेज प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में खोले गए हैं।
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उन्होंने कहा कि विवि के खुलने के समय तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. वाईएस परमार ने पहले कुलपति प्रो. आरके सिंह को विवि को स्वायतता से कार्य करने की छूट दी थी, जो आज भी बरकरार है। उन्होंने कुलपति को विवि में देश बेस्ट शिक्षकों की नियुक्ति करने की छूट दी थी।
उन्होंने विवि समुदाय से विवि के विकास के लिए मिलकर कार्य करने और गुणात्मक सुधार लाने का आवाहन करते हुए कहा कि विवि के विकास में उनका हमेशा सहयोग आगे भी जारी रहेगा।
शिक्षक मंथन करें, कहां रह गई कमी : राज्यपाल
विश्वविद्यालय को नैक से ए ग्रेड मिलने के उपलक्ष्य में विवि सभागार में समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शरीक हुए राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि सभी एचपीयू को उत्कृष्ट संस्थान बनाने के लिए परिवार की तरह कार्य करें। अध्यापक ही ज्ञान का प्रकाश उदीयमान कर विद्यार्थियों और देश के भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।
अभिभावक और पूरा समाज शिक्षक पर पूर्ण विश्वास करता है, शिक्षक को उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए दिल से प्रयास करने चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि छात्रों में चरित्र निर्माण, मानवीय मूल्यों का भी समावेश होना जरूरी है। देश ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। भौतिकवाद के युग में भावी पीढ़ियों में नैतिक मूल्यों को कायम रखना अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।
उन्होंने विवि समुदाय से कहा कि जब वे राज्यपाल बने थे तो उन्होंने विवि के ग्रेड को बढ़ाने के लिए कहा था। जो कुलपति और विवि समुदाय के सामूहिक प्रयास से हुआ है। इससे जाहिर है कि विवि के हर वर्ग में असीम क्षमता है कि वे विवि को देश का उत्कृष्ट संस्थान बनाएं।
राज्यपाल ने नैक टीम के दौरे के दौरान हुई छात्र गुटों की हिंसा को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि यदि शिक्षक छात्र को यह नहीं सीखा पाया कि किसके सामने कैसा व्यवहार करना है, तो ऐसी शिक्षा अक्षर ज्ञान किसी काम का नहीं है। शिक्षक मंथन करें कि आखिर अच्छे संस्कार देने में कहां कमी रही है।