यूजी-पीजी में पाठ्यक्रम का हिस्सा बनेगा स्वच्छ कैंपस
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एचपीयू और कॉलेजों में संचालित यूजी और पीजी पाठ्यक्रम में अब स्वच्छ भारत मिशन का स्वच्छ कैंपस हिस्सा बनेगा। यूजीसी ने इसे पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने के निर्देश जारी किए हैं।
विवि और कॉलेजों में स्वच्छ कैंपस के तहत परिसर को साफ सुथरा रखने के लिए समय-समय पर प्रैक्टिकल वर्क करवाकर इसके दो क्रेडिट पाठ्यक्रम में शामिल करने को कहा गया है।
इससे विद्यार्थी के कॉलेज परिसर में चलाए जाने वाले कार्यक्रमों में सक्रिय हिस्सा लेने पर शिक्षक दो क्रेडिट देंगे। इसे डिग्री में जोड़ा जाएगा। इससे जहां विद्यार्थी स्वच्छता का महत्व समझकर अपने कैंपस को साफ रखेंगे, वहीं उन्हें इसकी एवज में दो अतिरिक्त क्रेडिट पाने का मौका भी मिलेगा।
यूजीसी के आदेशों में साफ किया है कि विवि अपने कैंपस और संबद्ध कॉलेजों में स्वच्छ कैंपस कार्यक्रम संचालित करें। विश्वविद्यालय इसे पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाकर लागू करवाए। डिग्री में दो क्रेडिट विद्यार्थियों को दिए जाएं।
नोडल अफसर करेगा मॉनीटरिंग
विवि के स्वच्छ भारत मिशन के नोडल अफसर डॉ. सुरेंद्र शर्मा ने माना कि यूजीसी के आदेशों की अधिसूचना जारी की गई है। विवि के अधिष्ठाता अध्ययन को भी अवगत करवाया गया है। संस्थान स्तर पर एक नोडल अफसर मॉनीटरिंग करेगा।
उसकी जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाएगी। उधर, विवि के अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. अरविंद कालिया ने बताया कि स्वच्छ कैंपस को पाठ्यक्रम में शामिल करने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। संभवतया इसे अगले सत्र से शुरू किया जाएगा।
विवि से संबद्ध अधिकतर डिग्री कॉलेजों में पहले से एनएसएस इकाइयां कैंपस को स्वच्छ रखने और जागरूकता कार्यक्रम चलाने में सक्रिय रूप से कार्य भी करती आई हैं। हर सत्र में एक सप्ताह का शिविर भी लगाया जाता है।
स्वयंसेवी कैंपस की सफाई और रखरखाव, क्यारियां आदि लगाने का कार्य करते हैं। स्वच्छ कैंपस को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने पर न केवल एनएसएस स्वयंसेवी, बल्कि सभी कोर्स के विद्यार्थी इसका हिस्सा बनेंगे।