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अब इग्नू में भी लागू होगा सीबीसीएस सिस्टम
Sat, 08 Jun 2019 01:50 PM IST
अरविन्द ठाकुर
सुभाष सेन, अमर उजाला, रामपुर बुशहर
सुभाष सेन, अमर उजाला, रामपुर बुशहर
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 08 Jun 2019 01:50 PM IST
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फाइल फोटो
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इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) देश में रूसा के तहत सीबीसीएस सिस्टम लागू कर रहा है। प्रदेश विवि की तर्ज पर यूजी करने वाले विद्यार्थियों को अब च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम के तहत शिक्षा ग्रहण करनी होगी। यह प्रणाली जुलाई 2019 से लागू होगी।
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इसे केवल बीए, बीकॉम और बीएससी के विषयों पर ही लागू किया जाएगा। अन्य सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, एमटीटीएम, पीजी, बीसीए और एमसीए कोर्स पहले की तरह रहेंगे। पहले विद्यार्थियों को फाउंडेशन परीक्षाएं छह-छह महीने में देनी पड़ती थीं। अब फाउंडेशन परीक्षाएं वर्ष में एक बार होंगी।
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इग्नू की नई प्रणाली में परीक्षाएं जून 2020 में होंगी। पहले छह-छह माह के कोर्स थे, अब ये कोर्स एक ही बार लेने पड़ेंगे। यूजी के लिए 96 क्रेडिट रहते थे। अब ये क्रेडिट बढ़कर 132 होंगे। नई प्रणाली लागू होने से इग्नू की परीक्षाओं में इजाफा होगा।
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पहले चरण में छात्रों को पांच परीक्षाएं देनी होती थीं। अब छात्रों को 6, 7 या फिर 8 परीक्षाएं देनी होंगी। यह क्रम वर्ष दर वर्ष बढ़ता रहेगा। प्रतिवर्ष एक से दो पेपरों की बढ़ोतरी होगी। पहले यूजी के लिए 13 कोर्स पूरे करने पड़ते थे, अब इन कोर्सों की संख्या 15 से 18 होगी। विषयों के चुनाव को लेकर कोई फेरबदल नहीं किया गया है।
इग्नू हिमाचल के क्षेत्रीय प्रमुख डॉ. जोगिंद्र यादव ने कहा कि इग्नू के तहत यूजी करने वाले छात्रों के लिए अब सीबीसीएस सिस्टम लागू किया जा रहा है। यह जुलाई 2019 से लागू होगा। अभी यह प्रणाली एक्सपेरिमेंटल तौर पर लागू की जा रही है।
छह-छह माह में लिए जाने वाले फाउंडेशन कोर्स अब वार्षिक तौर पर एक साथ लेने होंगे। पहले चरण में यह प्रणाली बीए, बीकॉम और बीएससी पर लागू होगी। अन्य डिप्लोमा, सर्टिफिकेट, बीसीए, एमसीए, पीजी और अन्य कोर्सों में कोई फेरबदल नहीं किया गया है।