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स्नातकोत्तर में 55 प्रतिशत अंक वालों को सीयू पीएचडी और एचपीयू करवाएगा एमफिल
Tue, 20 Aug 2019 10:06 AM IST
अरविन्द ठाकुर
राकेश भारद्वाज, अमर उजाला, शिमला
राकेश भारद्वाज, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Tue, 20 Aug 2019 10:06 AM IST
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फाइल फोटो
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एक ही प्रदेश में दो विश्वविद्यालयों के अलग-अलग मापदंडों से छात्रों में असमंजस का स्थिति पैदा हो गई है। स्नातकोत्तर में 55 प्रतिशत अंक लेने वाले विद्यार्थियों को केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयू) सीधे पीएचडी की डिग्री करवाएगा, जबकि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय सिर्फ एमफिल की ही डिग्री देगा।
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दोनों विश्वविद्यालयों ने एमफिल और पीएचडी में प्रवेश के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रदेश विश्वविद्यालय में एमफिल करवाने वालों को प्रवेश परीक्षा देनी होगी, जबकि केंद्रीय विश्वविद्यालय पहले पात्रता परीक्षा लेगा। पात्रता परीक्षा पास करने के बाद स्नातकोत्तर पास विद्यार्थियों को सीधे पीएचडी में प्रवेश दिया जाएगा।
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सीयू की पात्रता परीक्षा, नेट, सेट और जेआरएफ के बराबर मानी जाती है। केंद्रीय विवि की पात्रता परीक्षा देने के लिए सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर विषय में 55 प्रतिशत और अन्य वर्गों के 50 प्रतिशत अंक लेना अनिवार्य है।
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केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री ने कहा कि सीयू में अभी एमफिल के लिए कोई प्रावधान नहीं है। हिमाचल प्रदेश विवि के अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. अरविंद्र कालिया ने कहा कि विभिन्न विभागों के लिए एमफिल की प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। पात्र विद्यार्थी 31 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं।