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दो साल तक टेट नहीं दे पाएगा नकल करने का आरोपी अभ्यर्थी
Fri, 30 Oct 2020 06:01 PM IST
Krishan Singh
विपिन चौधरी, अमर उजाला, धर्मशाला
विपिन चौधरी, अमर उजाला, धर्मशाला
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 30 Oct 2020 06:01 PM IST
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हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड
- फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने जून 2020 में लिए टेट (टीचर इलिजिबिलिटी टेस्ट) में नकल करने के आरोपी अभ्यर्थी को दो साल के लिए परीक्षा देने के लिए अयोग्य करार दिया है। अभ्यर्थी दो साल तक अध्यापक पात्रता परीक्षा में नहीं बैठ सकेगा। बोर्ड ने यह फैसला नकलचियों को सबक सिखाने के लिए लिया है। स्कूल शिक्षा बोर्ड ने जून में आठ विषयों के लिए अध्यापक पात्रता परीक्षा ली थी। जेबीटी विषय के टेट के दौरान एक अभ्यर्थी को मोबाइल के जरिये नकल करते परीक्षकों ने पकड़ा था।
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इसके बाद अभ्यर्थी का रिजल्ट यूएमसी घोषित किया गया था। अब बोर्ड ने अभ्यर्थी सहित अन्य परीक्षार्थियों को नकल करने से रोकने और उन्हें सबक सिखाने के लिए अभ्यर्थी को दो साल के लिए परीक्षा देने के लिए अयोग्य करार दिया है। प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने पहली बार किसी अभ्यर्थी पर नकल करने के चलते प्रतिबंध लगाया गया है। इससे पहले नकल करते पकड़े गए परीक्षार्थियों का परिणाम यूएमसी दर्शाया जाता था। उन्हें परीक्षा में अनुत्तीर्ण घोषित किया जाता था।
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हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने जेबीटी विषय के टेट के दौरान एक अभ्यर्थी को मोबाइल के जरिये नकल करते पकड़ा था। अभ्यर्थी को दो साल तक टेट देने के लिए अयोग्य घोषित किया गया है। अभ्यर्थी दो साल तक शिक्षक पात्रता परीक्षा नहीं दे सकेगा। बोर्ड के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी नकल करने वाले अभ्यर्थी को दो साल के लिए अयोग्य घोषित किया हो। - डा. सुरेश कुमार सोनी, अध्यक्ष, स्कूल शिक्षा बोर्ड
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