फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Bilaspur hydro engineering college tender

हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज के निर्माण की कवायद तेज, जल्द होंगे टेंडर

Tue, 02 Jan 2018 12:36 PM IST
रितेश गुलेरिया/अमर उजाला, बिलासपुर
रितेश गुलेरिया/अमर उजाला, बिलासपुर Updated Tue, 02 Jan 2018 12:36 PM IST
विज्ञापन
Bilaspur hydro engineering college tender

सरकार ने बिलासपुर जिले की बंदला धार में हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज के निर्माण की कवायद तेज कर दी है। सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो मार्च से पहले इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिए जाएंगे।

विज्ञापन


इसी महीने अंत तक मास्टर ड्राइंग का प्लान बीओडी में रखा जाएगा। इसके बाद तय होगा कि किस कंपनी को हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज निर्माण का कार्य दिया जाना है। 
विज्ञापन


सालों से राजनीति के पालने में झूलते रहे हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज का शिलान्यास पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने शिमला दौरे के दौरान 17 अप्रैल, 2017 को किया था। इसके बाद पहले सत्र की कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं, लेकिन बिलासपुर में भवन न होने का हवाला देकर कक्षाएं कांगड़ा में शुरू की गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब 62.06 बीघा जमीन में बनने वाले इस भवन की मास्टर ड्राइंग तैयार करने की जिम्मेवारी एनपीसीसी (नेशनल प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कंपनी) को दिया गया है।

इसे इसी महीने अंत में बीओडी की बैठक में रखा जाएगा। इसके बाद इसका टेंडर जारी होगा। तकनीकी शिक्षा विभाग की मानें तो कॉलेज के निर्माण का कार्य एनटीपीसी और एनएचपीसी के संयुक्त तत्वावधान से किया जा रहा है। दोनों कंपनियों ने कॉलेज निर्माण के लिए 37.5-37.5 करोड़ दे दिए हैं। 

इधर, तकनीकी शिक्षा निदेशक राजेश्वर गोयल ने बताया कि एनपीसीसी (नेशनल प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कंपनी) को मास्टर प्लान बनाने को दिया गया है। ड्राइंग को बीओडी की बैठक में रखा जाएगा। इसके बाद निर्माण कार्य के लिए टेंडर कर दिए जाएंगे। 


62.06 बीघा जमीन हो चुकी है विभाग के नाम
सरकार और प्रशासन ने सभी औपचारिकताएं पूरा करने के बाद बंदला में हाइड्रो कॉलेज के लिए जमीन तकनीकी शिक्षा विभाग के नाम कर दी है। नोडल अधिकारी बिलासपुर कॉलेज के प्रधानाचार्य केसी चड्ढा ने बताया कि 62.06 बीघा जमीन विभाग के नाम की गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed