हजारों विद्यार्थियों को झटका, इक्डोल से इस बार नहीं बैठेगा नया बैच
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विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय दूरवर्ती शिक्षा एवं मुक्त अध्ययन केंद्र (इक्डोल) से नया बैच इस बार नहीं बैठेगा। इसकी संभावनाएं अब न के बराबर रह गई हैं। 27 नवंबर से पीजी की सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। हालांकि विवि के इक्डोल को यदि पीजी कोर्स में प्रवेश को मंजूरी जल्द नहीं भी मिलती है, तो मंजूरी मिलने के बाद जनवरी में सीधे दूसरे सेमेस्टर में प्रवेश का विकल्प जरूर रहेगा।
वहीं यूजी डिग्री कोर्स में इस बार ही रूसा सेमेस्टर को ईयर में चलाए जाने के सरकार के फैसले के मुताबिक मार्च में वार्षिक परीक्षा होनी है। इसके लिए भी यूजीसी से मंजूरी मिलने का इंतजार ही है। मंजूरी मिली तो इसमें भी प्रवेश दिए जाने पर विचार किया जा सकता है। कोर्स दूरवर्ती मोड से होना है और इसमें हाजिरी की शर्त नहीं होगी।
देश भर की यूनिवर्सिटी के दूरवर्ती शिक्षण संस्थानों के संचालन को बनाए गए डिस्टेंस एजूकेशन ब्यूरो (डेब) के नियमों में जिनके पास यूजीसी नैक से 3.26 अंक नहीं हैं, उन्हें कोर्स चलाने की मान्यता नहीं दी गई है। जबकि एचपीयू के 3.21 अंक हैं। पीजी और यूजी डिग्री कोर्स चलाने को विवि और इक्डोल प्रशासन कोशिश कर रहा है लेकिन अभी तक इसके सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आए हैं।
इक्डोल में यूजी और पीजी डिग्री कोर्स में प्रवेश को मान्यता का मामला इस बार लटक जाने के कारण विवि को फीस के रूप में आर्थिक नुकसान भी हुआ है। छात्रों से लाखों में जो फीस आनी थी। इक्डोल निदेशक प्रो. कुलवंत पठानिया ने माना कि अभी पीजी कोर्स में मान्यता पर यूजीसी से फै सला नहीं आ पाया है। 27 से पीजी की परीक्षाएं हैं, तो बिना मान्यता के प्रवेश देना संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि यूजीसी को आवश्यक दस्तावेज और रिकॉर्ड सौंपा गया है। जल्द इंटरफेस मीटिंग होगी। इसमें मान्यता मिलने की पूरी उम्मीद है। इसमें मान्यता मिलती है, तो इक्डोल में जनवरी माह में पीजी के दूसरे सेमेस्टर में सीधे प्रवेश दिया जा सकता है।
खाली रह गई डीएलएड की 1235 सीटें
दो वर्षीय डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंटरी एजुकेशन) में अभी भी प्रदेश भर के 12 जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थानों में 358 और निजी शिक्षण संस्थानों में 877 सीटें खाली चल रही हैं। स्कूल शिक्षा बोर्ड ने डीएलएड शैक्षणिक सत्र 2018-20 के लिए खाली सीटों को भरने के लिए प्रवेश परीक्षा के आधार पर दूसरे चरण की काउंसलिंग शुरू की है।
सोमवार को डीएलएड शैक्षणिक सत्र 2018-20 में प्रवेश के लिए दूसरे चरण की काउंसलिंग शुरू हुई। बोर्ड परिसर में 12 से 16 नवंबर तक चलने वाली काउंसलिंग के लिए 84 से 45 अंक हासिल करने वाले 2719 अभ्यर्थियों का नाम सूची में रखा है।
मंगलवार को दूसरे चरण की काउंसलिंग के दूसरे दिन के बाद भी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में 1235 सीटें खाली हैं। स्कूल शिक्षा बोर्ड सचिव डॉ. हरीश गज्जू ने बताया कि डीएलएड की खाली सीटों को भरने के लिए दूसरे चरण की काउंसलिंग सोमवार से शुरू हो गई है। यह 16 नवंबर तक चलेगी।
इन सरकारी संस्थानों में इतनी सीटें खालीं
जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान बिलासपुर में 29, चंबा 37, हमीरपुर 35, कांगड़ा 39, किन्नौर 13, कुल्लू 44, लाहौल-स्पीति 16, मंडी 31, शिमला 45, सिरमौर 36, सोलन 24 और ऊना में नौ सीटें खाली हैं।