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कॉलेजों में नहीं पढ़ाया जाएगा ये विषय, विभाग ने जताई आपत्ति

Tue, 02 Aug 2016 12:06 AM IST
प्रखर दीक्षित/अमर उजाला, शिमला
प्रखर दीक्षित/अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 02 Aug 2016 12:06 AM IST
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Bed subject in degree colleges

हिमाचल में नए संस्थानों की आ रही बाढ़ के बीच वित्त विभाग ने सरकार से डिग्री कॉलेजों में बैचलर इन एजूकेशन विषय पढ़ाने के प्रस्ताव पर आपत्ति जता दी है। विभाग ने इस विषय को शुरू करने की बजाय सामान्य स्नातक के विषयों पर जोर देने की सिफारिश की है। विभाग ने तर्क दिया है कि इस विषय में पढ़ाई के बाद युवाओं के लिए नौकरी के अवसर सीमित हो जाते हैं।

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साथ ही प्रदेश में पहले से ही पर्याप्त संख्या में बीएड कॉलेज चल रहे हैं। ऐसे में इस विषय को पढ़ाने से सरकार को खास फायदा नहीं होगा। विभाग ने अपनी सिफारिश सरकार को भेज दी है। इस पर अब सरकार फैसला लेगी। कुछ समय पहले उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के डिग्री कॉलेजों में बैचलर इन एजूकेशन कोर्स शुरू करने की कवायद शुरू की।
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प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया। शासन ने सुझाव के लिए फाइल वित्त विभाग को भेजी, लेकिन विभाग ने इस प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगाने से इनकार कर दिया। विभागीय सूत्रों के अनुसार वित्त विभाग ने तर्क दिया कि कई अन्य विश्वविद्यालयों में भी इस कोर्स को चलाया गया, लेकिन वहां यह सफल नहीं रहा।
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साथ ही बीएड करने के बाद युवाओं के पास टीचिंग के अलावा किसी अन्य नौकरी का स्कोप नहीं रहता, जबकि अगर वह सामान्य ग्रेजुएशन करने के बाद बीएड करें तो उनके पास नौकरी के ज्यादा अवसर रहते हैं। साथ ही यह भी दलील दी कि प्रदेश में पहले से ही पर्याप्त संख्या में बीएड कॉलेज खुले हुए हैं।

ऐसे में सामान्य डिग्र्री कोर्स ही ज्यादा मुफीद रहेंगे। प्रदेश में वर्तमान में 74 बीएड कॉलेज हैं। इनमें करीब आठ हजार सीटें हैं। पिछले सत्र की प्रवेश प्रक्रिया के दौरान इनमें से आधी सीटें खाली रह गई थीं। इसके बाद सरकार ने दखल देते हुए बिना प्रवेश परीक्षा लिए आवेदकों को प्रवेश की इजाजत दे दी थी।

इस सत्र से वोकेशनल कोर्स शुरू होने पर असमंजस

Bed subject in degree colleges

प्रदेश के दस जिलों के 16 डिग्री कॉलेजों में इसी शैक्षणिक सत्र से वोकेशनल डिग्री शुरू करने पर असमंजस खड़ा हो गया है। प्रदेश के सभी कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है। ऐसे में अब कहां से वोकेशनल डिग्री करने के लिए स्टूडेंट्स मिलेंगे। इसको लेकर शिक्षा विभाग कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे रहा है।

ऐसे में विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा देने के सरकार के दावे हवा साबित हो रहे हैं। सरकार ने बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, नादौन, धर्मशाला, ढलियारा, पालमपुर, कुल्लू, मंडी, जोगिंद्रनगर, सरकाघाट, एक्सीलेंस कॉलेज संजौली, रामपुर, सोलन, नाहन और ऊना डिग्री कॉलेजों में इसी सत्र से वोकेशनल डिग्री शुरू करने की घोषणा की थी। बैचलर इन वोकेशनल स्टडी के तहत टूरिज्म और रिटेल विषय में विद्यार्थियों को डिग्री देने की बात कही गई थी।

वर्तमान में प्रदेश के स्कूलों में वोकेशनल कोर्स शुरू किए गए हैं। इसी कड़ी में अब कॉलेजों में भी वोकेशनल डिग्री शुरू करने का निर्णय लिया गया था। अगस्त महीने से कॉलेजों में वोकेशनल डिग्री को आधिकारिक तौर पर शुरू करने का दावा शिक्षा विभाग ने किया था। 1800 से अधिक छात्रों की संख्या वाले कॉलेजों में पहले चरण में डिग्री शुरू करने की बात कही थी।

इनमें डिग्री को मिलने वाले रिस्पांस को देखने के बाद प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में वोकेशनल डिग्री शुरू करने का फैसला लेना था, लेकिन विभागीय देरी के चलते इस साल वोकेशनल डिग्री शुरू होने पर संशय बन गया है। बताया जा रहा है कि अभी तक

वोकेशनल डिग्री का सिलेबस तैयार नहीं हुआ है। शिक्षकों का चयन भी अभी अधर में लटका हुआ है। उधर, उच्च शिक्षा निदेशक दिनकर बुराथोकी का कहना है कि अगस्त के पहले सप्ताह में सिलेबस को लेकर बैठक बुलाई गई है। जल्द इस संदर्भ में फैसला ले लिया जाएगा।

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