आईआईएचएस के छात्रों को HPU ने दी राहत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एचपीयू की ईसी ने आईआईएचएस के एमबीए ग्रामीण विकास और एमएससी एन्वायनमेंट साइंस डिग्री कोर्स करने वाले छात्रों को बड़ी राहत दी है। डीन कमेटी के माध्यम से इन कोर्सों की फैकल्टी तय कर भेजे प्रस्ताव को कार्यकारी परिषद ने मंजूरी दी है।
इससे एकीकृत हिमालयन अध्ययन संस्थान (हिमालय स्टडीज) में चलाए जा रहे इन कोर्सों की डिग्री देने के मामले का स्थायी समाधान होगा। ईसी की मंजूरी के बाद अब अगली प्रक्रिया पूरी कर इसे ऑर्डिनेंस में शामिल किया जाएगा।
विवि के कुलसचिव डा. पंकज ललित और आईआईएचएस के निदेशक प्रो. अमरजीत सिंह ने कहा कि एमबीए ग्रामीण विकास कोर्स को विवि के कॉमर्स एंड मैनेजमेंट फैकल्टी में लाकर और एमएससी एन्वायरनमेंट साइंस डिग्री विवि के लाइफ साइंस फैकल्टी में लाकर डिग्री दी जाएगी।
भविष्य पर मंडरा रहा था संकट
पहले बैच के छात्रों को सेल्फ फाइनांसिंग कोर्स पर हजारों की फीस देने के बावजूद डिग्री नहीं मिल रही थी। इनके भविष्य पर संकट मंडरा रहा था। पहले बैच के पासआउट छात्रों को विवि से सेमेस्टर की अंक तालिकाएं ही दी गई थीं। डिग्री पर तीन साल से फैसला नहीं हो पा रहा था।
पूर्व में विवि ने आईआईएचएस में चल रहे कोर्स को देखते हुए इसे अलग से मल्टी फैकल्टी बनाने का प्रस्ताव तैयार किया था, मगर इसे मंजूरी नहीं मिली। पहले से फैकल्टी उपलब्ध होने के बावजूद नई फैकल्टी न बना पाने के बाद बीते सप्ताह मामले को डीन कमेटी में भेजा गया। वहां से मंजूरी मिलने बाद इसे कार्यकारी परिषद की बैठक में रखा गया था।