जेओए पोस्ट के भर्ती नियमों में हुआ बदलाव, इन युवाओं को राहत नहीं
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सरकार ने हाल ही में जेओए आईटी पद के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन किया है। युवाओं का आरोप है कि सरकार इसमें सोसायटी और प्राइवेट डिप्लोमा धारकों को लेना भूल गई है। प्रदेश के हजारों युवा सोसायटी और प्राइवेट संस्थानों से डिप्लोमा कर चुके हैं। अब ये युवा इन नए रूल्स के हिसाब से खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
बेरोजगार युवाओं का कहना है कि सरकार ने अगर नौकरी के लिए सोसायटी डिप्लोमा को मान्य नहीं करना था तो ये सोसाइटियां खोली ही क्यों हैं? जेओए भर्ती के लिए जमा दो और बोर्ड और यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त संस्थान से एक साल का डिप्लोमा अनिवार्य किया है। युवाओं में नरेश, सुशील, ललित, महेश, अंकुश, नीरज, राकेश और अंजलि आदि ने कहा कि प्रदेश में जमा दो के बाद कोई बोर्ड या यूनिवर्सिटी एक साल का डिप्लोमा नहीं करवाती है।
सरकार ने नए नियमों से प्रदेश के करीब 80 प्रतिशत युवा इस पद के लिए अयोग्य हो गए हैं। उन्होंने मांग की है कि सरकार इस नियम में बदलाव कर युवाओं को राहत प्रदान करे। युवाओं का कहना है कि अगर प्राइवेट संस्थानों के डिप्लोमा मान्य नहीं हैं तो प्रदेश के 80 प्रतिशत युवा क्लर्क के बराबर की पोस्ट जेओए के लिए भी अयोग्य हो जाएंगे।
राहत न मिली तो चुनाव में होगा बहिष्कार
बेरोजगार युवाओं ने कहा कि सरकार नियमों में बदलाव कर अगर उन्हें राहत नहीं दी तो लोकसभा चुनाव में इसका बहिष्कार किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश में सोसायटियों में कोर्स कर रहे बच्चों और उनके परिवारों को भी जोड़ा जाएगा। बेरोजगार युवाओं का कहना है कि वे इस मांग को लेकर सीएम से मिल चुके हैं। उन्होंने राहत देने का आश्वासन दिया था।
पोस्ट कोड 556 में राहत दे सरकार
बेरोजगार युवाओं का कहना है कि पोस्ट कोड 556 के तहत करीब 3 हजार युवा पिछले 2 साल से नौकरी की आस में हैं। इनका डिप्लोमा भी सोसायटी से किया है। सरकार इस भर्ती में उन्हें राहत प्रदान करे। यह भर्ती प्रक्रिया को 447 पोस्ट कोड भर्ती के अनुरूप पूरा किया जाए। कहा कि उन्होंने टेस्ट पास करने के साथ टाइपिंग और डाक्युमेंटेशन की प्रक्रिया को भी पूरा किया है।