इस यूनिवर्सिटी पर मनमानी फीस बढ़ाने के आरोप, 70-80 फीसदी कर दी बढ़ोतरी
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महर्षि मार्कंडेश्वर विश्वविद्यालय कुमारहट्टी के तहत चल रहे मेडिकल कॉलेज प्रबंधन पर मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने के आरोप लगे हैं। मेडिकल कॉलेज अभिभावक संघ के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक तिलकराज शर्मा ने सोमवार को शिमला में पत्रकार वार्ता में यह आरोप मुखर किए।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने एमबीबीएस की पांच साल की फीस में 70 से 80 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। ये सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना है। उन्होंने सरकार को भी चेताया कि फीस की समीक्षा कर इसे घटा दिया जाए।
वरना अभिभावक इस संबंध में कड़े कदम उठाने को मजबूर होंगे। सोमवार को इस मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस कर रहे बच्चों के दर्जनों परिजनों ने पहले प्रेस क्लब शिमला में इस संबंध में एक बैठक की।
बाद में पत्रकार वार्ता के दौरान अभिभावक संघ के अध्यक्ष तिलक राज शर्मा ने कहा कि पिछले एमबीबीएस दाखिले के वक्त स्टेट कोटे की फीस साढे़ पांच लाख जबकि मैनेजमेंट कोटे में इसे 10 लाख 39 हजार 500 रुपये दिखाया गया।
स्टेट कोटे की फीस को बढ़ाकर इतने लाख किया
ये फीस स्वास्थ्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय की गई थी। इसके बाद दोबारा शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में एक बैठक उनकी सेवानिवृत्ति से पहले रखी गई, जिसमें स्टेट कोटे की फीस को बढ़ाकर सात लाख रुपये कर दिया गया।
मैनेजमेंट कोटे की फीस 12 लाख रुपये की गई। साथ में ये भी तय किया गया कि ये फीस हर साल दस फीसदी बढ़ा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस रफ्तार से तो ये फीस पांच साल में 80-90 लाख रुपये तक देनी होगी।
उन्होंने बताया कि इस विश्वविद्यालय में 300 एमबीबीएस सीटें हैं। ऐसे में बच्चोें की फीस में मनमाफिक बढ़ोतरी करके अभिभावकों के सामने एक बड़ी समस्या खड़ी कर दी गई है।
11 जून को सरकार ने एक बैठक रखी है। अगर इसमें समीक्षा कर फीस नहीं घटाई गई तो वे कड़े कदम उठाने को मजबूर होंगे। इस संबंध में एमएमयू के अधिकारियों से संपर्क किया गया, मगर उन्होंने इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की।