सीयू की प्रवेश प्रक्रिया से बाहर हो सकते हैं सैकड़ों छात्र
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सीयू की प्रवेश प्रक्रिया से सैकड़ों छात्र बाहर हो सकते हैं। दरअसल सीयू की गाइडलाइन के अनुसार इसका एक बड़ा कारण है। केंद्रीय विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र 2016-17 में पीजी के लिए 26 जून को ली गई प्रवेश परीक्षा का परिणाम 21 जुलाई को घोषित किया जाएगा। सीयू वीरवार को पहली मेरिट लिस्ट जारी करेगा।
लेकिन, जिन छात्रों ने अपनी स्नातक की मार्क्सलिस्ट जमा नहीं करवाई है, वह प्रवेश प्रक्रिया से बाहर हो सकते हैं। दरअसल सीयू की गाइडलाइन के अनुसार तमाम परीक्षार्थियों को आवेदन करने के बाद उनकी स्नातक शिक्षा की अंकतालिका की कॉपी को बतौर रिकार्ड मांगा गया था।
क्योंकि पीजी दाखिले के लिए फाइनल सिलेक्शन लिस्ट 50 प्रतिशत एंट्रेंस रिजल्ट, 10 प्रतिशत दसवीं और जमा दो और 30 प्रतिशत स्नातक परिणाम पर निर्भर है। ऐसे में सीयू की ओर से बाकायदा तमाम परीक्षार्थियों को समय पर स्नातक की मार्क्स लिस्ट जमा करवाने के निर्देश जारी किए गए थे। लेकिन एचपीयू समेत अन्य विवि से एंट्रेंस में शामिल हुए अभ्यर्थी रिजल्ट न मिल पाने के कारण अंकतालिका जमा नहीं करवा सके हैं।
3509 अभ्यर्थियों ने दी थी प्रवेश परीक्षा
वहीं हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय से अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं दे चुके परीक्षार्थियों का विवि द्वारा रिजल्ट जारी नहीं किया गया है। सीयू एंट्रेंस में 3509 अभ्यर्थियों ने प्रवेश परीक्षा दी थी। बताया जा रहा है कि करीब 1000 आवेदकों को ग्रेजुएशन रिजल्ट का रिकार्ड जमा न करवा पाने पर बाहर का रास्ता देखना पड़ सकता है।
सीयू ने मसले पर पूर्व में दस जुलाई तक ग्रेजुएशन मार्कशीट का रिकार्ड परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में या इमेल पर स्कैन कॉपी भेजने का समय दिया था। बाद में आवेदकों की ओर से समय पर अंकतालिका जमा न करवा पाने पर अभ्यर्थियों से 20 जुलाई तक भी अकादमिक रिकार्ड लिया गया है। कई आवदेकों ने बताया कि रिजल्ट न मिल पाने के कारण उन्हें शिमला एचपीयू में कई दफा चक्कर काटने पड़े हैं।
सीयू परीक्षा नियंत्रक डा. संजीव शर्मा ने बताया कि परीक्षार्थियों को समय पर उनकी स्नातक अंकतालिका जमा करवाने को लेकर जानकारी दी गई। ऐसे में रिकार्ड न दे पाने पर विवि की ओर से संबंधित परीक्षार्थियों की योग्यता रद्द कर दी जाएगी।