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अब बिना एंट्रेस टेस्ट भी मिल सकेगी बीएड में एडमिशन
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 24 Sep 2016 09:56 AM IST
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प्रवेश परीक्षा दिए बिना भी अब बीएड कालेजों में एडमिशन मिल सकेगी। राज्य सरकार ने निजी बीएड कालेजों में रिक्त पड़ी सीटों को भरने के लिए यह फैसला लिया है। शुक्रवार को संयुक्त सचिव उच्च शिक्षा पुष्पा चौधरी ने बीएड करने के इच्छुक हजारों विद्यार्थियों को छूट देने के आदेश जारी किए हैं।
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सरकार ने बीएड में एडमिशन लेने के लिए ग्रेजुएशन में 50 फीसदी अंक होना अनिवार्य किया है। इसके लिए राज्य विश्वविद्यालय काउंसलिंग करेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह छूट सिर्फ साल 2016-17 के शैक्षणिक सत्र के लिए ही मिलेगी। निजी बीएड कालेजों की मांग पर सरकार ने प्रवेश परीक्षा का नजरअंदाज करने का फैसला लिया है।
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प्रदेश के कई निजी बीएड कालेजों में सीटें खाली रह गई हैं। निजी बीएड कालेज के प्रबंधक इस मांग को लेकर मुख्यमंत्री से भी मिल चुके हैं। सरकार ने इसी साल पहले विद्यार्थियों का छूट देते हुए बीएड की प्रवेश परीक्षा में 35 फीसदी अंक प्राप्त करने वालों को एडमिशन देने का फैसला लिया। इसके बाद भी निजी बीएड कालेजों में सीटें खाली रह गई।
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ऐसे में सरकार ने फिर छूट देते हुए प्रवेश परीक्षा में भाग लेने वालों को भी एडमिशन देने का फैसला लिया। अब सरकार ने प्रवेश परीक्षा देने की शर्त को भी हटा दिया है।
शुक्रवार को जारी आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि शैक्षणिक मेरिट के आधार पर बीएड में प्रवेश दिया जाएगा। सामान्य श्रेणी के विद्यार्थियों के ग्रेजुएशन में 50 फीसदी और आरक्षित श्रेणी के विद्यार्थियों के 45 फीसदी अंक होने चाहिए। प्रवेश परीक्षा देने वालों को प्राथमिकता दी जाएगी।