बड़ा आंदोलन करेगी एबीवीपी, मानसून सत्र में घेराव की तैयारी
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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की प्रांत इकाई प्रदेश सरकार की शिक्षा नीतियों और छात्र विरोधी फैसलों के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू करने का एलान किया है। प्रांत मंत्री आशीष सिक्टा, विवि इकाई अध्यक्ष गौरव अत्री, प्रांत सह सचिव निरूपा सहित अन्य नेताओं ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह खुलासा किया।
नेताओं ने कहा कि सरकार और विवि प्रशासन की तमाम छात्र तथा शिक्षा विरोधी नीतियों और फैसलों के खिलाफ छेड़ जा रहे इस आंदोलन में 24 जून को सभी कॉलेजों में इकाई स्तर के प्रदर्शन कर प्राचार्य के माध्यम से सरकार को मांग पत्र सौंपे जाएंगे। 27 जून को विवि सहित कॉलेजों में धरने- प्रदर्शन होंगे।
5 जुलाई को कॉलेजों की स्थानीय मांगों को उठाने को धरना प्रदर्शन किए जाएंगे।16 जुलाई को सरकार की छात्र विरोधी नीतियों और फैसलों का विरोध करने को प्रदर्शन होंगे, इसमें पुतला दहन किया जाएगा। जबकि 19 जुलाई को परिसरों में रूसा को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा।
सिक्टा ने कहा कि 22 जुलाई को परिसरों में सांके तिक भूख हड़ताल होगी, पर्चा वितरण होगा। उन्होंने कहा कि सभी कॉलेजों से छात्रों को लामबंद कर तमाम छात्र विरोधी फैसलों को वापस करने को मानसून सत्र में विधानसभा घेराव करने की भी तैयारी है। संगठनात्मक गतिविधियों में दस से 25 जुलाई तक प्रदेश भर के कॉलेजों मार्ग दर्शन केंद्र लगाए जाएंगे, संगठन का सदस्यता अभियान भी चलाया जाएगा।
सिक्टा ने कहा कि फीस बढ़ोतरी, रूसा की खामियों से छात्रों को पेश आ रही परेशानियों के साथ तमाम छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर एबीवीपी ने पालमपुर में बीते दिनों हुई प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में आंदोलन की रणनीति तैयार की गई है। इसमें 120 से अधिक कार्य र्ताओं और संगठन नेताओं ने भाग लिया।
उन्होंने कहा कि एबीवीपी रूसा के कारण छात्रों को अन्य विश्वविद्यालयों में पेश आ रही परेशानी, परीक्षा परिणाम घोषित न होने, फीस पर बनी हाई पावर कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने, छात्र संघ चुनाव बहाली जैसी तमाम छात्रों से जुड़ी मांगों को लेकर आंदोलन पर उतर रही है, जो पूरी न हुई तो आंदोलन और तीखा किया जाएगा।
प्राइवेट यूनिवर्सिटी ने 1500 छात्रों से किया धोखा
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की प्रदेश इकाई ने प्रदेश में चल रहे कुछ निजी विश्वविद्यालयों पर पालीटेक्निक छात्रों के साथ धोखा करने का आरोप लगाया है। एबीवीपी के व्यवसायिक शिक्षा प्रमुख चेतन गुलेरिया ने बताया कि 2009 से 2013 तक 1500 से अधिक छात्रों को तकनीकी शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त डिप्लोमा दिए जाने को लेकर गुमराह किया गया।
जिनकी कोई मान्यता नहीं थी। उन्हें इन डिप्लोमा के आधार पर निजी और सरकारी क्षेत्र में रोजगार नहीं मिल पा रहा है। गुलेरिया का यह भी आरोप है कि इन विश्वविद्यालयों के पहले बैच के छात्र जिन्हें सरकारी रोजगार में नौकरी लगी भी, जांच में डिप्लोमा गलत पाए जाने पर नौकरी से हाथ भी धोना पड़ा है। निजी विश्वविद्यालय के बीटेक कोर्स की मान्यता पर भी सवाल खड़े किए हैं।
उन्होंने प्रदेश सरकार और निजी शिक्षा संस्थान नियामक आयोग सहित तकनीकी शिक्षा मंत्री जीएस बाली से मांग की है कि निजी शिक्षण संस्थानों के डिग्री डिप्लोमा की मान्यता सुनिश्चित करवाई जाए। प्रदेश के युवाओं के साथ किसी तरह की धोखाधड़ी बर्दाशत नहीं की जाएगी।
गुलेरिया ने कहा कि एबीवीपी का प्रतिनिधिमंडल इस मुद्दे को लेकर निजी शिक्षण संस्थान के 60 छात्रों के साथ निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग में भी शिकायत कर चुका है। उनका आरोप है कि एक सदस्य ने छात्रों के साथ अभद्र व्यवहार भी किया, जिसकी एबीवीपी मुख्यमंत्री से शिकायत करेगी।