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एनआईटी हमीरपुर में 871 मेधावियों को मिला सम्मान, 36 को मेडल

Sat, 02 Nov 2019 10:23 AM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sat, 02 Nov 2019 10:23 AM IST
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871 Students honoured at NIT hamirpur 10th Convocation.
एनआईटी हमीरपुर - फोटो : अमर उजाला

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर का दसवें दीक्षांत समारोह में उपाधियां और पदक पाकर मेधावियों के चेहरे चमक उठे। 871 को मेडल और डिग्री से नवाजा गया। इनमें से 36 मेधावी ऐसे रहे जिन्हें मेडल के सात डिग्री भी दी गई। एमटेक के 20 और बीटेक के 8 मेधावियों को स्वर्ण पदक, बीटेक के 8 को रजत समेत संस्थान के कुल 871 मेधावियों को उपाधियां और मेडल देकर सम्मानित किया। इसमें 717 छात्र और 154 छात्राएं शामिल हैं।

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समारोह में राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला के पूर्व निदेशक एवं भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी नई दिल्ली के पूर्व अध्यक्ष प्रो. कृष्ण लाल ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। एनआईटी हमीरपुर प्रशासकीय परिषद के अध्यक्ष प्रो. चंद्रशेखर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। एनआईटी हमीरपुर के निदेशक डॉ. विनोद यादव ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि और चेयरमैन का स्वागत करते हुए बताया कि दीक्षांत समारोह में संस्थान के कुल 871 मेधावियों को उपाधियां और मेडल देकर सम्मानित किया। इसमें पीएचडी के 11, बीटेक के 563 और एमटेक के  297 विद्यार्थी शामिल हैं।
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पूर्व की भांति इस बार भी भारतीय परिधानों छात्रों को कुर्ता और पायजामा, जबकि छात्राओं को कुर्ता-सलवार पहन उपाधियां और मेडल प्रदान किए गए। संस्थान की उपलब्धियों के बारे में जानकारी देते हुए निदेशक ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष संस्थान ने 1.30 करोड़ रुपये के कंस्लटेंसी प्रोजेक्ट्स विभिन्न संगठनों से हासिल किए हैं। विभिन्न प्रकार के एमओयू साइन हुए हैं। विभिन्न संस्थाओं से रिसर्च प्रोजेक्ट्स प्राप्त किए हैं।
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ख्य अतिथि प्रो. कृष्ण लाल ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते कहा द्वितीय विश्वयुद्ध से पूर्व औद्योगिक क्रांति में विज्ञान की अहम भूमिका रही है। जबकि द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद उत्पादन में रिसर्च और डेवलेपमेंट की भूमिका बढ़ी है। उन्होंने भारत में रिसर्च एंड डेवलपमेंट के विकास का श्रेय प्रो. सीवी रमन, एसएन बोस और मेघनंद शाह को दिया। 20 मई 2019 के बाद लंबाई और भार समेत अन्य मापतोल के स्टैंडर्ड मानकों में किए गए बदलाव और पारिभाषित करने बारे में जानकारी दी गई। प्रो. कृष्ण लाल ने कार्यक्रम में उपस्थित छात्र और छात्राओं से समाज के प्रति अपने योगदान के लिए प्रोत्साहित किया।


बिहार की स्वाति को डायरेक्टर मेडल
इस साल बीटेक कंप्यूटर साइंस में अव्वल रही बिहार के पटना जिला से संबंध रखने वाली स्वाति को डायरेक्टर मेडल से नवाजा गया। स्वाति वर्तमान में नोयडा में एक नामी कंपनी में सेवाएं दे रही हैं।

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