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नौणी विवि में दीक्षांत समारोह: राज्यपाल ने डिग्रियों से नवाजे 850 होनहार

Tue, 07 Mar 2017 12:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नौणी (सोलन)
ब्यूरो/अमर उजाला, नौणी (सोलन) Updated Tue, 07 Mar 2017 12:01 AM IST
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850 Students Honoured With Degrees at Nauni University Convocation.

डॉ. यशवंत सिंह परमार उद्योनिकी एवं वानिकी विवि नौणी का 8वां दीक्षांत समारोह राज्यपाल आचार्य देवव्रत की अध्यक्षता में हुआ। मुख्यातिथि महानिदेशक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद एवं सचिव कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग कृषि एवं कल्याण मंत्रालय भारत सरकार डॉ. त्रिलोचन महापात्र थे। लगभग 850 विद्यार्थियों को डिग्रियां वितरित की गईं। 18 स्टूडेंट्स को गोल्ड मेडल दिए गए।

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इनमें 5 छात्राएं और 3 छात्र शामिल हैं। स्नातक डिग्रियों में कॉलेज ऑफ हार्टिकल्चर में 142, फॉरेस्ट्री में 116 उपाधियां दी गईं। स्नात्कोत्तर में कॉलेज ऑफ फॉरेस्टरी में 104, हॉर्टिकल्चर में 349 डिग्रियां दी गईं। 90 मेधावियों को डॉक्टरेट की उपाधि से नवाज गया।
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हमीरपुर स्थित नौणी विवि की ब्रांच के करीब 148 स्टूडेंट्स को भी डिग्रियां दी गईं। कार्यक्रम डॉ. एलएस नेगी सभागार में हुआ। वीसी डॉ. हरि चंद शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। सुबह 10 बजे समारोह शैक्षणिक शोभायात्रा के बाद सरस्वती वंदना से शुरू हुआ। राष्ट्रीय गान के बाद शैक्षणिक शोभायात्रा का प्रस्थान हुआ।  
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हमारी बेटियां किसी से कम नहीं : राज्यपाल
कुलाधिपति महामहिम राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि महिला शिक्षा का जीता जागता प्रमाण इस विश्वविद्यालय में देखने को मिला। इसमें 67 प्रतिशत छात्राएं शिक्षा ले रही हैं। हमारी बेटियां किसी से कम नहीं हैं। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे डिग्री तक सीमित न रहें और इसका लाभ किसानों तक पहुंचाए। 

अध्यापकों भी करें अपना विशलेषण : महापात्रा
मुख्यातिथि डॉ. त्रिलोचलन महापात्रा ने कहा कि छात्रों के साथ अध्यापकों को भी अपना विश्लेषण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अध्यापक देश के भविष्य को तैयार करता है। ऐसे में अध्यापक को अपने कर्त्तव्य का पूरा निर्वहन करना चाहिए।


उन्होंने विश्वविद्यालय में 65 प्रतिशत से अधिक छात्राओं की उपस्थिति को भी एक अच्छा प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाना चाहिए ताकि अच्छे वैज्ञानिक समाज को मिल सके। 

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