रूसा ग्रांट लेने को गंभीर नहीं प्रदेश के 8 कॉलेज
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केंद्र सरकार से राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत ग्रांट लेने के लिए हिमाचल के आठ कॉलेजों के प्रिंसिपल बिल्कुल गंभीर नहीं हैं। सरकार के कई बार कहने के बावजूद अभी तक इन कॉलेजों ने नैक से मान्यता लेने को आवेदन नहीं किया है।
नैक से मान्यता मिलने के बाद ही केंद्र सरकार ग्रांट जारी करती है। रूसा के पहले चरण के तहत ग्रांट देने के लिए नैक से मान्यता लेना अनिवार्य नहीं था।
अब रूसा के दूसरे चरण के तहत केंद्र सरकार ने सिर्फ नैक से मान्यता प्राप्त कॉलेजों को ही दो-दो करोड़ की इन्फ्रास्ट्रक्चर ग्रांट देने का फैसला लिया है। मान्यता प्राप्त कॉलेजों की नैक ग्रेडिंग करता है। इसके हिसाब से ग्रांट जारी होती है। बीते दिनों प्रदेश के 13 कॉलेजों को दो-दो करोड़ की ग्रांट मिली है।
इन कॉलेजों को नहीं मिली ग्रांट
जून महीने में 15 अन्य कॉलेजों को भी केंद्र ने ग्रांट दी थी। उधर, प्रदेश के आठ डिग्री कॉलेज अभी भी इस ग्रांट को लेने के लिए गंभीर नहीं हैं। सरकार के कई बार कहने के बावजूद इन कॉलेजों के प्रिंसिपल नैक से मान्यता लेने के लिए आवेदन नहीं कर रहे हैं।
इन कॉलेज प्रिंसिपलों की लापरवाही के चलते दो-दो करोड़ की ग्रांट से यह कॉलेज अभी तक महरूम हैं। उधर, शिक्षा सचिव डॉ. अरुण कुमार शर्मा ने बताया है कि जल्द ही इन कॉलेजों के प्रिंसिपलों से बैठक कर नैक मान्यता लेने के लिए कहा जाएगा।
इन कॉलेजों को नहीं मिली ग्रांट- सुजानपुर टीहरा, ठियोग, झंडूता, जुखाला, इंदौरा, सिराज लंबाथाच, धर्मपुर जिला मंडी और थुरल कॉलेज।