विवि के लिए आसान नहीं होगा एक साथ दो सिस्टम की परीक्षा करवाना
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भाजपा सरकार के पुराने रूसा सीबीसीएस सेमेस्टर सिस्टम को बदलकर वार्षिक परीक्षा करवाने के लिए गए फैसले के लागू होने के बाद मार्च में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की अग्नि परीक्षा होगी। 15 मार्च से ईयर सिस्टम की वार्षिक परीक्षा आयोजित की जानी है। इसमें हर छात्र को आठ-आठ पेपर देने हैं, जो सेमेस्टर सिस्टम में चार ही होेते थे। इस परीक्षा में अलग अलग संकाय के करीब 55 हजार परीक्षार्थी बैठेंगे।
एचपीयू ईयर सिस्टम की परीक्षा प्रक्रिया और इसके परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया ऑनलाइन करने जा रहा है। इसके लिए इन दिनों हर संकाय के विषयों की च्वॉयस के मुताबिक ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म सॉफ्टवेयर तैयार करने की प्रक्रिया अंतिम चरणों में है। अगले सप्ताह परीक्षा फॉर्म भरने को पोर्टल खोलने की तैयारी भी है।
विश्वविद्यालय की परीक्षा विंग को इन 55 हजार परीक्षार्थियों की परीक्षा की तैयारी के लिए आठ-आठ प्रश्न पत्र छपवाने, परीक्षा केंद्र स्थापित करने से लेकर उनका समय से मूल्यांकन करवाकर परीक्षा परिणाम तैयार करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करना पड़ रहा है। यही नहीं, 15 अप्रैल से यूजी में पहले से चल रहे रूसा सीबीसीएस सेमेस्टर सिस्टम के चौथे और छठे सेमेस्टर की परीक्षाओं की तैयारी भी करनी है।
इसमें करीब 90 हजार परीक्षार्थी बैठेंगे। इसकी सप्लीमेंटरी परीक्षाएं भी करवानी हैं। पुराने ईयर सिस्टम की भी परीक्षाएं मार्च माह में ही होनी हैं। विवि को एक साथ पुराने और नए ईयर सिस्टम के साथ ही बीच में लागू किए गए रूसा यूजी सेमेस्टर परीक्षाएं करवानी हैं।
एक साथ तीन-तीन सिस्टम के तहत परीक्षाएं शांतिपूर्ण ढंग से करवाना ही विवि के लिए चुनौती से कम नहीं है। इसके बाद इनके मूल्यांकन और परीक्षा परिणाम को भी समय से घोषित करने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ेगी।
ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म सॉफ्टवेयर लगभग तैयार
पहली बार एक साथ यूजी ईयर सिस्टम के आठ-आठ पेपर संचालित करना मुश्किल जरूर है, मगर इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं। अनुमान के मुताबिक इस परीक्षा में 55 हजार से अधिक छात्र मार्च से परीक्षा देंगे। ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म भरने को जल्द पोर्टल खोल दिया जाएगा, जिसे छात्र अपने लागइन आईडी से स्वयं भरेगा। कॉलेजों को सेमेस्टर सिस्टम की तरह से हर फॉर्म को चेक व सत्यापित कर विवि को भेजना होगा, जिसकी हार्ड कॉपी भी जमा करवानी होगी। - डॉ. जेएस नेगी, परीक्षा नियंत्रक, एचपीयू