री-अपीयर परीक्षा में इन छात्रों के नंबर जानकर हो जाएंगे हैरान
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जवाहर लाल नेहरू राजकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय सुंदरनगर में री-अपीयर की परीक्षा देने वाले 20 छात्रों में से 12 को जीरो मिला है। बीटेक तीसरे सेमेस्टर की री-अपीयर परीक्षा देने वाले ये छात्र वर्तमान में आठवें सेमेस्टर की पढ़ाई कर रहे हैं। ये विद्यार्थी रेगुलर परीक्षा के बाद दो बार री-अपीयर की परीक्षा देने पर भी पेपर पास नहीं कर पाए।
गुस्साए एक दर्जन से अधिक विद्यार्थियों ने सोमवार को हमीरपुर स्थित हिमाचल प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी के कैंपस में पहुंचकर अपना विरोध दर्ज करवाया। सबसे पहले यह विद्यार्थी विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. वीपी पटियाल से मिले। इसके बाद विद्यार्थियों ने
विवि के कुलपति प्रो. आरएल शर्मा से मुलाकात की। फेल हुए छात्रों को विवि की ओर से रीवेल्युएशन फार्म भरने के निर्देश दिए गए। लेकिन फॉर्म भरने के लिए शुल्क एक हजार निर्धारित है, जिसके चलते विद्यार्थी निशुल्क दोबारा से उत्तर पुस्तिकाओं की रीवेल्युएशन करने पर अड़े रहे।
स्टूडेंट बोले, अच्छी हुई थी परीक्षा
नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर विद्यार्थियों ने कहा कि उनकी परीक्षा बहुत अच्छी हुई थी, लेकिन चेकिंग में कहीं कोई कमी रह गई है। विद्यार्थियों ने कहा कि वर्तमान में वह आठवें सेमेस्टर की पढ़ाई कर रहे हैं। इस साल वह कॉलेज से पास आउट होने वाले हैं, लेकिन तीसरे सेमेस्टर की री-अपीयर क्लीयर न होने से उनके भविष्य पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं।
उन्होंने गरीब और मध्यम परिवारों का तर्क देते हुए विवि प्रशासन से मांग की है कि छात्र हित में उनकी आंसरशीट्स की फ्री में चेकिंग होनी चाहिए। हिप्र टेक्निकल यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक प्रो. वीपी पटियाल ने कहा कि सुंदरनगर इंजीनियरिंग कॉलेज के आठवें सेमेस्टर के कुछ स्टूडेंट्स आए थे।
तीसरे सेमेस्टर की री-अपीयर परीक्षा में फेल हुए हैं। इनको रीवेल्युएशन भरने के लिए कहा गया है। इसका शुल्क 300 रुपये, जबकि री-चेकिंग शुल्क 1000 रुपये है। हिप्र टेक्निकल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. आरएल शर्मा ने कहा कि प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्रों की वार्षिक परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाएं प्रदेश से बाहर चेक होती हैं।
सुंदरनगर कॉलेज के कुछ विद्यार्थी मिले हैं, विवि के नियमों के तहत ही आगामी कार्यवाही अमल में लाई जा सकती है। जवाहर लाल नेहरू राजकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय सुंदरनगर के प्रिंसिपल प्रो. रमन पर्टी ने कहा कि बच्चों के फेल होने का मामला तकनीकी विवि से संबंधित है। वह इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं कर सकते।