सिरमौर में निजी स्कूल का कारनामा, पहले ही करवा दीं वार्षिक परीक्षाएं
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हिमाचल के जिला सिरमौर के शिक्षा खंड ददाहू कार्यालय से महज 500 मीटर की दूरी पर एक निजी स्कूल में नियमों को ताक पर रख कर वार्षिक परीक्षाएं तय डेटशीट से पहले ही संपन्न करवा दी गईं है। शिक्षा विभाग के आदेशों के मुताबिक प्राथमिक पाठशालाओं में वार्षिक परीक्षाएं 15 मार्च से शुरू हुईं, लेकिन इस पाठशाला में 15 से पहले ही पांचवीं कक्षा की परीक्षाएं हो चुकी थीं।
15 मार्च को जब शिक्षा विभाग का उड़नदस्ता सुबह के समय इस स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचा तो इस स्कूल में कोई परीक्षा नहीं चल रही थी, जबकि डेट शीट के मुताबिक स्कूल में इंगलिश का पेपर होना था। खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी रामानंद ठाकुर ने अपने अन्य दो अध्यापकों को साथ लेकर स्कूल के प्रिंसिपल से परीक्षा आयोजित न करवाने का कारण पूछा, लेकिन प्रिंसिपल ने स्कूल में मूलभूत सुविधा का बहाना बताते हुए परीक्षा को दोपहर बाद आयोजित करवाने की बात कही।
उड़नदस्ते की दबिश के बाद आनन-फानन में घर से बुलाए छात्र
सरकारी नियमों की अवहेलना के बावजूद उड़नदस्ता प्रिंसिपल की यह बात मानकर वहां से लौट आया। इसके बाद स्कूल के प्रधानाचार्य ने आनन-फानन में अपने घरों में परीक्षा देकर बैठे बच्चों को स्कूल बुलाया। दो बजे बच्चों को परीक्षा में भी बिठा दिया लेकिन सभी बच्चे इस दिन स्कूल नहीं पहुंच पाए।
परीक्षा में कुल 36 छात्रों में से 22 छात्र ही शामिल हुए। शिक्षा विभाग के उड़नदस्ते ने दोपहर दो बजे फिर से स्कूल में दबिश दी। इस दौरान 14 छात्र अनुपस्थित पाए गए। इसके बाद बीपीईओ ने पाठशाला में हो रही अनियमितताओं को देखते हुए मामला उच्च अधिकारियों को भेज दिया।
हालांकि 15 मार्च के बाद स्कूल में अन्य परीक्षाएं डेटशीट के अनुसार करवाई गई। सभी परीक्षाओं को बच्चों ने फिर से दिया, लेकिन सवाल उठता है कि क्या पब्लिक स्कूल में परीक्षा से वंचित रहे 14 छात्र कंपल्सरी सब्जेक्ट इंगलिश का पर्चा दिए बगैर ही पास कर दिए जाएंगे।
खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी रामानंद ठाकुर ने बताया कि अभी तक स्कूल से पेपर जांच के लिए नहीं पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि इस स्कूल का परीक्षा परिणाम भी घोषित नहीं किया जाएगा। उधर, उपनिदेशक एलीमेंट्री पूनम सूद ने शिक्षा विभाग के नियमों की अवहेलना की पुष्टि करते हुए बताया कि जांच के बाद मामला शिक्षा निदेशक को शिमला भेज दिया है।
स्कूल के प्रिंसिपल धनेंद्र गोयल ने कहा कि शिक्षा विभाग की ओर से उन्हें डेटशीट नहीं मिली थी। जबकि, पर्चे पहले उपलब्ध करा दिए थे। फिर भी स्कूल में 15 मार्च के बाद सभी परीक्षाएं नियमित समय पर सुबह के सेशन में आयोजित करवाई गई हैं।