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जेबीटी में टेट की छूट मांगने पर ट्रिब्यूनल ने सुनाया अहम फैसला

Sat, 01 Apr 2017 10:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Updated Sat, 01 Apr 2017 10:07 AM IST
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Administrative Tribunal Judgement Over Exemption From TET in JBT Recruitment

प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने जेबीटी के पद भरने को टीचर्स इलिजिबिलिटी टेस्ट (टेट) की छूट की मांग को गैरकानूनी ठहरा दिया है। ट्रिब्यूनल अध्यक्ष न्यायाधीश वीके शर्मा और प्रशासनिक सदस्य प्रेम कुमार की खंडपीठ ने जेबीटी प्रशिक्षु प्रार्थियों के आवेदन को खारिज करते हुए यह फैसला सुनाया।

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प्रार्थियों के अनुसार उन्होंने साल 2003 में भारतीय एजूकेशन सोसाइटी कुल्लू की ओर से चलाए जा रहे रामेश्वरी टीचर्स ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट ऑफ  एजूकेशन में जेबीटी प्रशिक्षण को दाखिला लिया था, लेकिन किन्हीं कारणों से संस्थान कोर्स को समय पर पूरा नहीं करवा पाया। हाईकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट के दखल के बाद राज्य सरकार ने उन्हें कोर्स पूरा करने की इजाजत दी थी। साल 2011 में उन्होंने जेबीटी की परीक्षा उत्तीर्ण की।
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उनके बैच को 2009-2011 का माना गया। प्रार्थियों का कहना था कि उन्होंने उक्त संस्थान में वर्ष 2003 में दाखिला ले लिया था, लेकिन उन्हें समय पर कोर्स पूरा करने ही नहीं दिया गया। जब उन्होंने कोर्स पूरा किया तो सरकार ने नियुक्ति के लिए टेट की अनिवार्यता लागू कर दी। प्रार्थियों की मांग थी कि उन्हें 2003-2005 बैच के प्रशिक्षु माना जाए।
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उन्हें टेट की अनिवार्यता से छूट दिलाई जाए, क्योंकि उस समय टेट की व्यवस्था जेबीटी नियुक्ति के लिए नहीं थी। ट्रिब्यूनल ने प्रार्थियों की मांग को ठुकराते हुए कहा कि जब उन्होंने किसी भी कारण से वर्ष 2011 में जेबीटी परीक्षा पास की और प्रमाणपत्र हासिल किया तो


उन्हें नियुक्ति के लिए वर्ष 2011 तथा उसके बाद के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के तहत खुद को पात्र बनाना होगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2011 में सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर 23 अगस्त 2010 से जेबीटी नियुक्ति के लिए टेट में उत्तीर्ण होने को अनिवार्य बना दिया था।

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