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घटा इंजीनियरिंग का क्रेज, कॉलेजों की 80 फीसदी सीटें खाली

Tue, 02 Aug 2016 11:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर Updated Tue, 02 Aug 2016 11:41 AM IST
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80 Percent Less admission in Engineering colleges in himachal.
प्राइवेट कॉलेजों में इस बार 70 से 80 फीसदी सीटें खाली रह गई हैं। - फोटो : Demo pic

हिमाचल प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी हमीरपुर से संबद्ध प्राइवेट कॉलेजों में इस बार 70 से 80 फीसदी सीटें खाली रह गई हैं। यही नहीं, सरकारी कॉलेजों में भी करीब तीन दर्जन सीटें खाली हैं। टेक्निकल यूनिवर्सिटी के तीन चरणों की काउंसलिंग प्रक्रिया 30 जुलाई को खत्म हो गई।

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बावजूद इसके प्राइवेट प्रदेश के अधिकतर निजी महाविद्यालयों की सीटें नहीं भरी जा सकीं। कुछेक प्राइवेट कॉलेज तो तीन चरणों की काउंसलिंग में खाता भी नहीं खोल पाए हैं। अब प्राइवेट महाविद्यालय प्रबंधन के समक्ष सबसे बड़ी परेशानी संस्थान को संचालित करने की है।
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प्राइवेट कॉलेजों में वर्तमान में जितने विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है, उससे महाविद्यालयों में टीचिंग स्टाफ, बिल्डिंग और बिजली समेत अन्य खर्चे भी पूरे नहीं हो पाएंगे। टेक्निकल यूनिवर्सिटी ने तीन चरणों की काउंसलिंग प्रक्रिया खत्म होने के बाद बारहवीं कक्षा की मेरिट के आधार पर डायरेक्ट एडमीशन राउंड भी करवाया।
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बावजूद प्राइवेट कॉलेजों में इक्का-दुक्का सीटें ही भर पाईं। महाविद्यालयों की खाली सीटों को भरने के लिए निजी कॉलेज संचालक अब टेक्निकल यूनिवर्सिटी से स्पॉट एडमीशन की मांग कर रहे हैं। बीटेक, बी-फार्मेसी और एमबीए में अधिकतर सीटें खाली रही हैं।

टेक्निकल विवि के अधीन कुल 43 कॉलेज

80 Percent Less admission in Engineering colleges in himachal.

वर्तमान में टेक्निकल यूनिवर्सिटी के अधीन प्रदेश में 18 इंजीनियरिंग कॉलेज हैं, जिनमें नगरोटा बगवां, सुंदरनगर, प्रगतिनगर और ज्यूरी चार सरकारी क्षेत्र में हैं। इसके अलावा फार्मेसी के 14, और एमबीए के 11 कालेज चल रहे हैं।

इंजीनियरिंग कॉलेजों में इन विषयों में होती पढ़ाई
प्रदेश में चल रहे इंजीनियरिंग कॉलेजों में सिविल इंजीनियरिंग, मेकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रीकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रीकल एंड इलेक्ट्रानिक्स, टेक्सटाइल इंजीनियरिंग और आटोमाबाइल में इंजीनियरिंग होती है।

सरकारी महाविद्यालयों की अधिकतर सीटें भरी गई हैं। प्राइवेट कॉलेजों में खाली रही सीटों के लिए विवि के कुलपति के समक्ष मामले को उठाया जाएगा। स्पॉट एडमिशन राउंड का आयोजन भी हो सकता है।-डा. एनएन शर्मा, डीन अकादमिक, हिप्र टेक्निकल यूनिवर्सिटी हमीरपुर।

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