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बड़ों पर घटेगा, छोटे कारोबारियों पर बढ़ेगा टैक्स!
शिमला/ब्यूरो
Updated Fri, 07 Dec 2012 12:29 PM IST
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राजधानी में बड़े कारोबारियों पर टैक्स घटने जा रहा है तो छोटे कारोबारियों पर बढ़ने जा रहा है। हाउस टैक्स और प्रापर्टी टैक्स को पुरानी पद्धति से वसूलने के प्रस्ताव को राज्य सरकार ने खारिज कर दिया है। शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव ने पत्र जारी कर शहर में यूनिट एरिया मेथड को आधार मानकर ही टैक्स लेने के आदेश दिए हैं।
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यूनिट एरिया मेथड को शहर की भौगोलिक स्थिति के अनुरूप नहीं होने तथा इसे लागू करने में दिक्कतों की बात कहकर नगर निगम ने राज्य सरकार से इस वित्तीय वर्ष में पुरानी पद्धति पर टैक्स वसूलने का प्रस्ताव सरकार को भेजा था। कहा था कि जब तक यूनिट एरिया मेथड की पेचीदगियां दूर नहीं हो जातीं तब तक पुरानी पद्धति के आधार पर टैक्स वसूली करने की परमिशन दी जाए।
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यह है यूनिट एरिया मेथड
यूनिट एरिया मेथड के लागू होने पर शहर को विभिन्न जोन में बांटा जाएगा। क्षेत्र, मकान/दुकान की हालत, मकान/दुकान का उपयोग सहित कुछ अन्य बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न केटेगिरी बनाई जाएगी। इसके आधार पर शहर में हाउस और प्रोपर्टी टैक्स की राशि तय की जाएगी। जानकारों का मानना है कि इस मेथड के लागू होने से बड़े कारोबारियों के लिए टैक्स घट जाएगा जबकि छोटे कारोबारियों पर टैक्स की मार पड़ेगी।
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मर्ज एरिया भी आएंगे जद में
नगर निगम शिमला में छह वार्ड मर्ज किए गए हैं। इनमें ढली, चम्याणा, मल्याणा, पटयोग (न्यू शिमला), टुटू और कसुम्पटी वार्ड शामिल हैं। साल 2007 में इन वार्डों को निगम में शामिल किया गया था। इसके अलावा छोटा शिमला वार्ड का कुछ क्षेत्र भी मर्ज एरिया में शामिल है। अगर यूनिट एरिया मेथड लागू होता है तो ऐसे में मर्ज एरिया से भी टैक्स वसूला जाएगा। अभी शहर के 18 वार्डों से भी टैक्स वसूली होती आई है।