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शिमला में सैकड़ों बिजली उपभोक्ताओं से धोखाधड़ी
शिमला/ब्यूरो
Updated Mon, 01 Apr 2013 03:28 PM IST
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हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड ने बिजली बिलों के नाम पर उपभोक्तओं के साथ धोखाधड़ी की है। पहले निर्धारित समय पर शिमला में बिजली बिल नहीं बांटे गए और बाद में उपभाक्ताओं से सरचार्ज वसूला गया।
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‘अमर उजाला’ में खबर प्रकाशित होने के बाद आनन फानन में कंपनी ने देरी से बिजली बिल बंटने वाले क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को 30 मार्च तक बिल जमा करवाने की सुविधा दी।
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जब 30 मार्च को उपभोक्ता बिल जमा करवाने पहुंचे तो उनसे सरचार्ज वसूला गया। उधर, बिजली कंपनी के अधिकारी सरचार्ज वसूले जाने पर कुछ भी कहने से परहेज कर रहे हैं।
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राज्य विद्युत बोर्ड के उप निदेशक संचार अनुराग पराशर ने 22 मार्च को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया था कि 21 मार्च तक शहर में नब्बे प्रतिशत बिल बांट दिए गए हैं। शेष दस प्रतिशत बिल 22 मार्च को बांटे गए।
21 मार्च तक वितरित किए गए विद्युत बिलों को जमा करवाने की अंतिम तिथि 28 मार्च है और 22 मार्च को वितरित किए गए बिलों को जमा करवाने की तिथि 30 मार्च निर्धारित की गई है। बिजली कंपनी की इस प्रेस विज्ञप्ति के बाद देरी से बिल मिलने वाले लोगों ने राहत की सांस ली।
लेकिन शनिवार को देवनगर, कसुम्पटी, चायली, मैहली और झडेज के बिजली उपभोक्ता बिल जमा करवाने पहुंचे तो उनसे जुर्माना वसूल कर लिया। तर्क दिया गया कि कंप्यूटर में उनके बिल की आखिरी तारीख 29 मार्च है। 30 मार्च किसी भी बिल में अंतिम तिथि नहीं बताई गई है। बिजली कंपनी की इस लापरवाही और आधी-अधूरी तैयारी का खामियाजा शहर के सैकड़ों लोगों को सरचार्ज देकर चुकाना पड़ा।
लोगों के झगड़ने के बाद खुला काउंटर
बिजली कंपनी ने पहले बिल जमा करवाने की अंतिम तारीख 30 मार्च तक बढ़ाई। लेकिन जब लोग बिल जमा करवाने पहुंचे तो शनिवार सुबह 11 बजे काउंटर बंद कर दिया। कई लोग बिना पूछताछ वापस भी चले गए लेकिन कुछ जागरूक लोगों ने बिजली कंपनी के अफसरों को खरी-खोटी सुनाई। इसके बाद करीब बारह बजे काउंटर को दोबारा खोल दिया गया।
क्योसक मशीन का हाल बेहाल
बिजली बिल के काउंटर बंद होने पर जब उपभोक्ता क्योसक मशीन में बिल जमा करवाने पहुंचे तो उन्हें वहां भी निराशा ही हाथ लगी। लाखों रुपये खर्च कर खलीनी ऑफिस में लगाई गई मशीन मात्र शोपीस बनकर रह गई है। एक दिन में दस बिल से अधिक यहां पर जमा नहीं होते।
राहत दी, फिर सरचार्ज वसूला
मैहली के अनुज कुमार ने बताया कि उन्हें 23 मार्च को बिजली बिल मिला। ‘अमर उजाला’ में बिजली कंपनी के हवाले से लगी ‘तीस मार्च तक जमा होंगे बिल’ खबर के चलते उन्हें कुछ राहत मिली लेकिन जब शनिवार को वे बिल जमा करवाने पहुंचे तो उनसे सरचार्ज वसूल लिया।
बंद कर दिया काउंटर
पंथाघाटी के विजय चौहान ने बताया कि पहले तो बिजली कंपनी ने बिल देरी से बांटे। फिर अपनी गलती मानने के बजाय उपभोक्ताओं पर ही बोझ लाद दिया। उन्होंने कहा कि 11 बजे काउंटर बंद कर देने के चलते उन्हें परेशानी उठानी पड़ी।