{"_id":"132-54960","slug":"Shimla-54960-132","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैपिटल सब्सिडी क्लेम की तिथि बढ़ाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैपिटल सब्सिडी क्लेम की तिथि बढ़ाई
Shimla
Updated Thu, 24 Jul 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिमला। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के नए उद्योगों को बड़ी राहत दी है। मंत्रालय ने कैपिटल सब्सिडी स्कीम के तहत पंजीकरण और क्लेम की तिथि 31 अगस्त 2014 तक बढ़ा दी है। एक सप्ताह पहले ही मंत्रालय की ओर से दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र भेजकर सूचित किया है।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कैपिटल सब्सिडी स्कीम जनवरी 2013 में खत्म हो गई थी। दोनों राज्यों की ओर से लगातार मांग की जा रही थी कि इस स्कीम के तहत पंजीकरण करने की तिथि बढ़ाई जाए, जिससे उन्हें टैक्स में छूट मिल सके। आदर्श आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले केंद्र पंजीकरण कराने की तिथि बढ़ाने पर सहमत हुआ। इस बीच आदर्श आचार संहिता लागू हो गई, जिस कारण केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से आदेश जारी नहीं किया गया। इस बीच दोनों राज्यों की ओर से लगातार पत्र भेजे गए। सात जुलाई 2014 को कैपिटल सब्सिडी स्कीम के तहत पंजीकरण और क्लेम करने की तिथि 31 अगस्त 2014 तक बढ़ा दी गई है।
उद्योगों को कैसे मिलेगा लाभ
अति लघु, लघु और मझोले उद्योगों की सब्सिडी 30 लाख से बढ़ाकर 50 लाख कर दी है। इससे प्रदेश के सैकड़ों उद्योगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है। जबकि, दोनों राज्यों के बड़े उद्योगों को 15 प्रतिशत या 30 लाख तक ही छूट प्रदान की जाएगी। केंद्र के इस कदम से दोनों ही राज्यों में निवेश को प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
कोट्स
कैपिटल सब्सिडी स्कीम के तहत औद्योगिक इकाइयों को जिला उद्योग केंद्र पर 31 अगस्त तक पंजीकरण कराना अनिवार्य किया गया है। यह लाभ 31 मार्च 2017 तक सकेगा। पिछले सप्ताह ही केंद्र का यह पत्र सरकार को प्राप्त हुआ है।
आरडी धीमान, प्रधान सचिव उद्योग हिमाचल प्रदेश
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कैपिटल सब्सिडी स्कीम जनवरी 2013 में खत्म हो गई थी। दोनों राज्यों की ओर से लगातार मांग की जा रही थी कि इस स्कीम के तहत पंजीकरण करने की तिथि बढ़ाई जाए, जिससे उन्हें टैक्स में छूट मिल सके। आदर्श आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले केंद्र पंजीकरण कराने की तिथि बढ़ाने पर सहमत हुआ। इस बीच आदर्श आचार संहिता लागू हो गई, जिस कारण केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से आदेश जारी नहीं किया गया। इस बीच दोनों राज्यों की ओर से लगातार पत्र भेजे गए। सात जुलाई 2014 को कैपिटल सब्सिडी स्कीम के तहत पंजीकरण और क्लेम करने की तिथि 31 अगस्त 2014 तक बढ़ा दी गई है।
विज्ञापन
उद्योगों को कैसे मिलेगा लाभ
अति लघु, लघु और मझोले उद्योगों की सब्सिडी 30 लाख से बढ़ाकर 50 लाख कर दी है। इससे प्रदेश के सैकड़ों उद्योगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है। जबकि, दोनों राज्यों के बड़े उद्योगों को 15 प्रतिशत या 30 लाख तक ही छूट प्रदान की जाएगी। केंद्र के इस कदम से दोनों ही राज्यों में निवेश को प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
कोट्स
कैपिटल सब्सिडी स्कीम के तहत औद्योगिक इकाइयों को जिला उद्योग केंद्र पर 31 अगस्त तक पंजीकरण कराना अनिवार्य किया गया है। यह लाभ 31 मार्च 2017 तक सकेगा। पिछले सप्ताह ही केंद्र का यह पत्र सरकार को प्राप्त हुआ है।
आरडी धीमान, प्रधान सचिव उद्योग हिमाचल प्रदेश