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हिमाचल में सेब के फलों की ड्रॉपिंग शुरू
Shimla
Updated Wed, 11 Jun 2014 05:32 AM IST
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शिमला। हिमाचल में सेब के फलों की ड्रॉपिंग शुरू हो गई है। जून महीने में गरमी बढ़ते ही सेब के दाने झड़ने लग गए हैं। पहले सेब की फसल को ओलों से नुकसान हुआ तो अब गरमी का कहर शुरू हो गया है। अब तक राज्य बागवानी विभाग के स्तर पर सेब की फसल को लगभग 100 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। यह बढ़ता ही जा रहा है।
जून महीने में हर साल सेब की ड्रॉपिंग होती है। लेकिन इस बार सेब की फसल कम होने से बागवान चिंतित है। शिमला का तापमान रिकार्ड तोड़ने को बेकरार है, मानसून को भी अभी देर है, ऐसे में ज्यादा ड्रॉपिंग बागवानों को परेशानी में डाल सकती है। दो सप्ताह पहले 88 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया था, वहीं पिछले सप्ताह मंडी के करसोग, शिमला के फागू, सराहन आदि क्षेत्रों में हुई ओलावृष्टि और इन दिनों हो रही ड्रॉपिंग से यह नुकसान अब 100 करोड़ रुपये के नुकसान का आंकड़ा पार कर चुका है। ड्रॉपिंग खासकर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ज्यादा हो रही है।
राज्य बागवानी विभाग के निदेशक डा. गुरदेव सिंह ने माना है कि मौसम के चलते सेब फसल को अब तक 100 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। उन्होंने कहा कि सभी बागवानी अधिकारियों से नुकसान की ताजा रिपोर्ट मांगी गई है।
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आम को भी बहुत नुकसान, पर सरकार का ध्यान नहीं
शिमला। जहां ओलावृष्टि, बारिश और अब एकाएक गरम हुए मौसम से आम की फसल को बड़ा नुकसान हुआ है, वहीं सरकार और बागवानी विभाग का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। इस बार आम की फसल शुरू में बंपर मानी जा रही थी, लेकिन मौसम के बिगड़ने के कारण कई क्षेत्रों में 80 फीसदी तक बौर झड़ गया। सरकार ने आम की फसल के इस नुकसान को लेकर कोई विशेष सर्वेक्षण नहीं करवाया है। आम बागवानों में इसको लेकर रोष है।
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जून महीने में हर साल सेब की ड्रॉपिंग होती है। लेकिन इस बार सेब की फसल कम होने से बागवान चिंतित है। शिमला का तापमान रिकार्ड तोड़ने को बेकरार है, मानसून को भी अभी देर है, ऐसे में ज्यादा ड्रॉपिंग बागवानों को परेशानी में डाल सकती है। दो सप्ताह पहले 88 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया था, वहीं पिछले सप्ताह मंडी के करसोग, शिमला के फागू, सराहन आदि क्षेत्रों में हुई ओलावृष्टि और इन दिनों हो रही ड्रॉपिंग से यह नुकसान अब 100 करोड़ रुपये के नुकसान का आंकड़ा पार कर चुका है। ड्रॉपिंग खासकर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ज्यादा हो रही है।
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राज्य बागवानी विभाग के निदेशक डा. गुरदेव सिंह ने माना है कि मौसम के चलते सेब फसल को अब तक 100 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। उन्होंने कहा कि सभी बागवानी अधिकारियों से नुकसान की ताजा रिपोर्ट मांगी गई है।
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आम को भी बहुत नुकसान, पर सरकार का ध्यान नहीं
शिमला। जहां ओलावृष्टि, बारिश और अब एकाएक गरम हुए मौसम से आम की फसल को बड़ा नुकसान हुआ है, वहीं सरकार और बागवानी विभाग का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। इस बार आम की फसल शुरू में बंपर मानी जा रही थी, लेकिन मौसम के बिगड़ने के कारण कई क्षेत्रों में 80 फीसदी तक बौर झड़ गया। सरकार ने आम की फसल के इस नुकसान को लेकर कोई विशेष सर्वेक्षण नहीं करवाया है। आम बागवानों में इसको लेकर रोष है।