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ऑफिस मैनुअल के हिसाब से रिकार्ड रखे पीडब्ल्यूडी
Shimla
Updated Sun, 11 May 2014 05:31 AM IST
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शिमला। हिमाचल प्रदेश सूचना आयोग ने राज्य लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता को निर्देश जारी किए हैं कि ऑफिस मैनुअल के हिसाब से सभी कार्यालयी दस्तावेजों का रखरखाव और संबंधित कार्य किए जाएं। आयोग ने विभाग में इस मैनुअल को ध्यान में नहीं रखे जाने का कड़ा संज्ञान लिया है और कहा है कि इस संबंध में अनुपालना रिपोर्ट को तीन माह के भीतर आयोग कार्यालय को प्रेषित किया जाए। यह निर्देश राज्य मुख्य सूचना आयुक्त भीम सेन की कोर्ट ने जारी किए हैं।
आयोग ने यह निर्देश राजीव जैन बनाम अधिशासी अभियंता एनएच डिविजन जोगिंद्रनगर की अपील पर दिए हैं। आयोग ने कहा कि राज्य लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता को विभागीय प्रमुख होने के नाते निर्देश दिए जाते हैं कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं कि फाइलों को खोलने के लिए प्रोसीजर राज्य सरकार के आफिस मैनुअल के हिसाब से हो। राज्य सरकार ने सभी कार्यालयों को आदेश जारी कर रखे हैं कि ऑफिस मैनुअल का अनुसरण किया जाए। इसका भी नोट लिया जाना चाहिए कि रिकार्ड का इस तरीके से प्रबंधन किया जाए कि यह आम नागरिकों की पहुंच में आसानी से हो। इसे ठीक से समझा जाना चाहिए। अगर कार्यालय मैनुअल की गाइडलाइंस में कोई परिवर्तन होता है तो राज्य सरकार की संस्तुति से एक वैकल्पिक प्रणाली को अपनाया जाना चाहिए।
बॉक्स 1.
अधिशासी अभियंता पर तल्ख टिप्पणी
आयोग ने यह तल्ख टिप्पणी की कि अधिशासी अभियंता एनएच डिविजन जोगिंद्रनगर को कोई पारदर्शी प्रणाली को अपनाते हुए नहीं पाया गया है। एनएच मंडी-पठानकोट के पीरियोडिकल रिकार्ड का रखरखाव नहीं किया गया। इसके परिणामस्वरूप अपीलकर्ता की ओर से मांगी गए रिकार्ड आधारित सूचना देने में सफल नहीं हुए।
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बॉक्स 2.
अपीलकर्ता को 10 हजार देने को कहा
आयोग ने कहा कि अपीलकर्ता को बार-बार सुनवाई में शामिल होना पड़ा। इसके लिए उसे 10 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाए। मुआवजे की यह धनराशि अधिशासी अभियंता की ओर से दी जाएगी। इसे वे सरकारी खाते से देंगे।
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आयोग ने यह निर्देश राजीव जैन बनाम अधिशासी अभियंता एनएच डिविजन जोगिंद्रनगर की अपील पर दिए हैं। आयोग ने कहा कि राज्य लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता को विभागीय प्रमुख होने के नाते निर्देश दिए जाते हैं कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं कि फाइलों को खोलने के लिए प्रोसीजर राज्य सरकार के आफिस मैनुअल के हिसाब से हो। राज्य सरकार ने सभी कार्यालयों को आदेश जारी कर रखे हैं कि ऑफिस मैनुअल का अनुसरण किया जाए। इसका भी नोट लिया जाना चाहिए कि रिकार्ड का इस तरीके से प्रबंधन किया जाए कि यह आम नागरिकों की पहुंच में आसानी से हो। इसे ठीक से समझा जाना चाहिए। अगर कार्यालय मैनुअल की गाइडलाइंस में कोई परिवर्तन होता है तो राज्य सरकार की संस्तुति से एक वैकल्पिक प्रणाली को अपनाया जाना चाहिए।
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अधिशासी अभियंता पर तल्ख टिप्पणी
आयोग ने यह तल्ख टिप्पणी की कि अधिशासी अभियंता एनएच डिविजन जोगिंद्रनगर को कोई पारदर्शी प्रणाली को अपनाते हुए नहीं पाया गया है। एनएच मंडी-पठानकोट के पीरियोडिकल रिकार्ड का रखरखाव नहीं किया गया। इसके परिणामस्वरूप अपीलकर्ता की ओर से मांगी गए रिकार्ड आधारित सूचना देने में सफल नहीं हुए।
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अपीलकर्ता को 10 हजार देने को कहा
आयोग ने कहा कि अपीलकर्ता को बार-बार सुनवाई में शामिल होना पड़ा। इसके लिए उसे 10 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाए। मुआवजे की यह धनराशि अधिशासी अभियंता की ओर से दी जाएगी। इसे वे सरकारी खाते से देंगे।