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राज्यपाल के फैसले के खिलाफ कोर्ट जाएगी भाजपा
Shimla
Updated Fri, 04 Apr 2014 05:30 AM IST
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शिमला। हिमाचल भाजपा राज्यपाल उर्मिला सिंह के निर्णय के खिलाफ कोर्ट जाएगी। भाजपा पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के खिलाफ एचपीसीए मामले में अभियोजन मंजूरी के राज्यपाल के निर्णय को चुनौती देगी। भाजपा के प्रवक्ता गणेश दत्त ने कहा कि इस पर विचार-विमर्श चल रहा है। इस निर्णय में राज्यपाल ने अपना माइंड एप्लाई नहीं किया है।
गणेश दत्त ने वीरवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि दो अप्रैल का दिन हिमाचल के इतिहास में काला दिन कहलाएगा। इस दिन नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के खिलाफ राज्यपाल ने अभियोजन मंजूरी दी। एक कार्यवाहक मुख्य सचिव फाइल लेकर राजभवन जाते हैं और बिना कुछ देखे-परखे राज्यपाल इस पर अभियोजन मंजूरी दे देती हैं। ये गलत है। जिस एचपीसीए मामले को लेकर यह मंजूरी दी गई है, उससे संबंधित निर्णय को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री के अलावा पूरा तत्कालीन मंत्रिमंडल शामिल रहा है। ऐसे में केवल तत्कालीन मुख्यमंत्री के खिलाफ ही साजिशन मुकदमा शुरू करने की यह कवायद केवल राजनीतिक षड्यंत्र है।
गणेश दत्त ने कहा कि भाजपा इस मामले को लेकर प्रदेश की जनता के बीच जाएगी। सच्चाई से अवगत करवाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह खुद भ्रष्टाचार के मकड़जाल में फंस गए हैं, इसलिए प्रेम कुमार धूमल को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। वीरभद्र सिंह के खिलाफ सागर कत्था मामले में अभियोजन मंजूरी का मामला बिलकुल अलग था। यह एक व्यक्ति से जुड़ा था। एचपीसीए में ऐसा-वैसा कुछ नहीं हुआ है।
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गणेश दत्त ने वीरवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि दो अप्रैल का दिन हिमाचल के इतिहास में काला दिन कहलाएगा। इस दिन नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के खिलाफ राज्यपाल ने अभियोजन मंजूरी दी। एक कार्यवाहक मुख्य सचिव फाइल लेकर राजभवन जाते हैं और बिना कुछ देखे-परखे राज्यपाल इस पर अभियोजन मंजूरी दे देती हैं। ये गलत है। जिस एचपीसीए मामले को लेकर यह मंजूरी दी गई है, उससे संबंधित निर्णय को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री के अलावा पूरा तत्कालीन मंत्रिमंडल शामिल रहा है। ऐसे में केवल तत्कालीन मुख्यमंत्री के खिलाफ ही साजिशन मुकदमा शुरू करने की यह कवायद केवल राजनीतिक षड्यंत्र है।
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गणेश दत्त ने कहा कि भाजपा इस मामले को लेकर प्रदेश की जनता के बीच जाएगी। सच्चाई से अवगत करवाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह खुद भ्रष्टाचार के मकड़जाल में फंस गए हैं, इसलिए प्रेम कुमार धूमल को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। वीरभद्र सिंह के खिलाफ सागर कत्था मामले में अभियोजन मंजूरी का मामला बिलकुल अलग था। यह एक व्यक्ति से जुड़ा था। एचपीसीए में ऐसा-वैसा कुछ नहीं हुआ है।
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