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सचिवालय से एमसी में दनदनाए फोन
Shimla
Updated Thu, 03 Apr 2014 05:30 AM IST
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शिमला। पानी के अवैध कनेक्शन धारकों में आईएएस अफसरों के नाम शामिल करने का मामला नगर निगम के गले की फांस बन गया है। बुधवार को अफसरों के नाम प्रकाशित होने के बाद दिन भर नगर निगम में सचिवालय से फोन दनदनाते रहे। मुफ्त में पानी पीने वालों की सूची में अपना नाम देख कर आईएएस अफसर बिफर गए हैं। निगम के कई अफसरों को इस बाबत जमकर लताड़ भी लगाई गई है। उधर, डिफाल्टरों के बिल बनाने में जुटे नगर निगम के अब पसीने छूट रहे हैं। अफसरों से कब से और किस आधार पर वसूली की जाए, यह नगर निगम को अब समझ में नहीं आ रहा है। आयुक्त अमरजीत सिंह का कहना है कि मामले की फाइल महापौर को भेज दी है। उधर, महापौर संजय चौहान बुधवार से पांच दिनों के लिए शहर से बाहर चले गए हैं। इस मामले में आगामी कार्रवाई अब अगले सप्ताह होना ही संभावित है।
मंगलवार को जल शाखा ने सरकारी आवासों में रहने वाले सौ अफसरों, कर्मचारियों सहित सरवेंट क्वार्टराें में रहने वालों की सूची आयुक्त को सौंपी है। महापौर संजय चौहान के ध्यान में तीन माह पूर्व यह मामला आने पर जल शाखा ने सूची तैयार की है। सूत्रों के मुताबिक बुधवार को नगर निगम के अफसरों की दिन भर हवाइयां उड़ी रही। बुधवार का अधिकांश समय सचिवालय में बैठे बड़े अफसरों को दलीलें और सफाई देने में गुजर गया।
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मंगलवार को जल शाखा ने सरकारी आवासों में रहने वाले सौ अफसरों, कर्मचारियों सहित सरवेंट क्वार्टराें में रहने वालों की सूची आयुक्त को सौंपी है। महापौर संजय चौहान के ध्यान में तीन माह पूर्व यह मामला आने पर जल शाखा ने सूची तैयार की है। सूत्रों के मुताबिक बुधवार को नगर निगम के अफसरों की दिन भर हवाइयां उड़ी रही। बुधवार का अधिकांश समय सचिवालय में बैठे बड़े अफसरों को दलीलें और सफाई देने में गुजर गया।
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