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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Siddha saint Devraha Baba had predicted construction of free Ram temple in Ayodhya 34 years ago

Ram Mandir: देवरहा बाबा ने 34 साल पहले ही राजीव गांधी से कहा था- निर्विघ्न बनेगा 'राम मंदिर'

Sat, 06 Jan 2024 02:02 PM IST
भूपेन्द्र सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Sat, 06 Jan 2024 02:02 PM IST
सार

देवरहा बाबा ने 34 साल पहले ही राजीव गांधी से कहा था कि 'राम मंदिर' निर्विघ्न बनेगा। इस पूर्व प्रधानमंत्री शिलान्यास करने पर सहमत हो गए थे। 

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Siddha saint Devraha Baba had predicted construction of free Ram temple in Ayodhya 34 years ago
राम मंदिर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सिद्ध संत देवरहा बाबा ने राम मंदिर आंदोलन के बीच ही 34 साल पहले अयोध्या में निर्विघ्न राम मंदिर बनने की भविष्यवाणी कर दी थी। तब तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी बाबा से मुलाकात करने वृंदावन के देव आश्रम पहुंचे थे। वह वहां दो घंटे तक रहे और मचान पर बैठे देवरहा बाबा से बातचीत कर आशीर्वाद लिया था। उसी वार्ता के बाद राजीव गांधी राम मंदिर के शिलान्यास पर सहमत हो गए थे, हालांकि तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी इसके विरोध में थे।

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अमर उजाला के पुराने पन्नों में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की यह मुलाकात दर्ज है। 34 साल पहले 6 नवंबर 1989 को तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी सुबह 8:40 बजे ही विशेष विमान से वृंदावन में देवरहा बाबा से मिलने के लिए पहुंचे थे। उनके साथ तब विदेश राज्यमंत्री नटवर सिंह, तत्कालीन गृहमंत्री बूटा सिंह, मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी भी थे। 
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देवरहा बाबा के आश्रम में सबसे पहले गृहमंत्री बूटा सिंह पहुंचे। उनके 10 मिनट बाद ही राजीव गांधी आए। देवरहा बाबा राम मंदिर निर्माण का सर्व सहमति से रास्ता निकालना चाहते थे। संतों की ओर से उन्होंने राजीव गांधी से कहा था कि राम मंदिर निर्विघ्न बनेगा।

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गोसेवा, गोरक्षा का दिया था मंत्र

देवरहा बाबा ने तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी को देश की समृद्धि के लिए गोसेवा और गोरक्षा का मंत्र दिया था। राम मंदिर के बारे में राजीव गांधी की सहमति पर बाबा इतने खुश हुए कि तत्कालीन प्रधानमंत्री के सिर पर पगड़ी पहनाई गई थी। इसे पहनने के बाद राजीव गांधी बेहद खुशी के साथ आश्रम से बाहर निकले थे। इस मुलाकात के बाद 10 नवंबर को राम मंदिर शिलान्यास की कवायद की गई। तब भगवान राम की मूर्ति से 192 फुट दूर शिलान्यास पर सहमति दी गई थी।

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