Ram Mandir: रामपुर की रजा लाइब्रेरी में फारसी, उर्दू के साथ अंग्रेजी में पढ़ें रामायण, रामोत्सव पर प्रदर्शनी
रामपुर में रामोत्सव के मौके पर रजा लाइब्रेरी में प्रदर्शनी लगाई गई है। यहां संस्कृत, फारसी, उर्दू के साथ ही अंग्रेजी में भी रामायण को पढ़ा जा सकता है। इन दिनों इसे देखने के लिए लोग पहुंच रहे हैं। शहर में रामोत्सव बनाने के लिए मंदिरों को सजाया जा रहा है।
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रामपुर की रजा लाइब्रेरी एंड म्यूजियम में संस्कृत, फारसी, उर्दू के साथ ही अंग्रेजी में भी रामायण को पढ़ा जा सकता है। रामोत्सव के उपलक्ष्य में रजा लाइब्रेरी में लगी प्रदर्शनी में अंग्रेजी में अनुवादित रामायण भी रखी गई है। पांच खंडों में अनुवादित अंग्रेजी की रामायण लोगों को आकर्षित कर रही है।
लंदन की टुबनर एंड कंपनी और मुंबई के भारतीय विद्या भवन द्वारा प्रकाशित अंग्रेजी में रामायण लोगों को बहुत पसंद आ रही हैं। ऐतिहासिक रजा लाइब्रेरी ज्ञान का खजाना मानी जाती है। यहां पर श्रीराम से जुड़े संग्रहों के साथ ही पवित्र कुरान भी है। इसके अलावा यहां तुर्की, फारसी, उर्दू व संस्कृत में अनुवादित करीब 17 हजार से ज्यादा पांडुलिपियां हैं।
रजा लाइब्रेरी ने रामोत्सव के उपलक्ष्य में भगवान श्रीराम से जुड़े संग्रहों की प्रदर्शनी का आयोजन किया है। इस प्रदर्शनी में वाल्मीकि रामायण और तुलसीदास की रामचरितमानस के साथ फारसी, उर्दू में अनुवादित रामायण के संग्रह का प्रदर्शन किया है।रजा लाइब्रेरी में अंग्रेजी में अनुवादित रामायण का भी प्रदर्शन किया गया है।
यहां पर अंग्रेजी में अनुवादित रामायण बेहद खास बनी हुई है। लंदन की टुबनर एंड कंपनी की ओर से प्रकाशित इस रामायण का अनुवाद राल्फ टीएच ग्रिफिथ द्वारा किया गया है। इस अनुवादित रामायण में खंड एक से पांच तक को अनुवादित किया गया है। 360 पृष्ठ की इस रामायण में विभिन्न काल खंडों का वर्णन किया गया है।
इसी तरह भारतीय विद्या भवन मुंबई द्वारा प्रकाशित रामायण का भी प्रदर्शन किया गया है। 304 पृष्ठ की इस रामायण का अनुवाद सी राजगोपालाचारी द्वारा किया गया है। इसे भी प्रदर्शनी में पहुंच रहे लोग काफी पसंद कर रहे हैं।
रजा लाइब्रेरी में मौजूद अन्य रामायण
पुस्तक का नाम - रामायण
- रचयिता - महर्षि वाल्मीकि
- टीकाकार-पंडित राजाराम (संस्कृत प्रोफेसर)
- प्रकाशन वर्ष - 15-7-1915
- भाषा- देवनागरी
- पृष्ठ- 931
- प्रकाशक- बांबे मशीन प्रेस लाहौर
पुस्तक का नाम - रामायण आनंद प्रकाश उर्दू अरण्यकांड
- भाषा- उर्दू
- अनुवादक- पंडित लक्ष्मी दत्त
- प्रकाशन-1902
पुस्तक का नाम - रामायण
- टीकाकार-पंडित ज्वाला प्रसाद मिश्र
- वर्ष-1932
- भाषा-अवधी
- लिपि-देवानगरी
- पृष्ठ-1340
- प्रकाशक- वेंकटेश्वर स्टीम प्रेस बंबई
पांडुलिपि का नाम - किस्सा राम सीता
- लेखक-अहमद खां गफलत
- वर्ष - 1825
- भाषा-उर्दू
- लिपि- नस्तालीक
- पृष्ठ- 97
पुस्तक का नाम-रामलीला
- लेखक-घासीराम
- वर्ष- 18 वीं शताब्दी
- लिपि - नस्तालीक
- पृष्ठ-16
पांडुलिपि का नाम - रामायण
- अनुवादक - मुल्ला मसीह पानीपती
- भाषा- फारसी
- वर्ष-1627
- पृष्ठ-180
- विशेषता - जहांगीर काल में लिखी गई।
रजा लाइब्रेरी के संग्रहालय में पवित्र रामायण व श्रीराम से जुड़े संग्रहों की प्रदर्शनी लगाई गई है। इसमें प्रदर्शित पांडुलिपियों और पुस्तकों के जरिये लोग अपना ज्ञान बढ़ा सकते हैं। इसके साथ ही प्रदर्शनी में श्रीराम से जुड़े अन्य संग्रह भी लगाए गए हैं। यह प्रदर्शनी 28 जनवरी तक चलेगी। - अबु साद इस्लाही, लाइब्रेरियन, रजा लाइब्रेरी