फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Rashtriya Swayamsevak Sangh moved from resolution to accomplishment In centenary year

Ram Mandir: शताब्दी वर्ष में संकल्प से सिद्धि की ओर बढ़ा संघ, प्राण प्रतिष्ठा संग ये दो बड़े संकल्प होंगे पूरे

Sun, 21 Jan 2024 01:39 PM IST
शाहरुख खान सचिन मुद्गल, अमर उजाला, लखनऊ
सचिन मुद्गल, अमर उजाला, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 21 Jan 2024 01:39 PM IST
सार

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ शताब्दी वर्ष में संकल्प से सिद्धि की ओर बढ़ गया है। रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही आरएसएस के दो बड़े संकल्प पूरे हो जाएंगे। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति और राममंदिर का निर्माण संघ का प्रमुख संकल्प था। अब संघ समान नागरिक संहिता लागू कराने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

विज्ञापन
Rashtriya Swayamsevak Sangh moved from resolution to accomplishment In centenary year
Ram Mandir - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ शताब्दी 2024-25 में अपने संकल्पों की सिद्धी की ओर बढ़ रहा है। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति का संकल्प 5 अगस्त 2019 को पूरा हो चुका है। अब 22 जनवरी को अयोध्या में राममंदिर में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के साथ ही संघ का दूसरा बड़ा संकल्प भी पूरा हो जाएगा। 
विज्ञापन


अब संघ और अनुषांगिक संगठन देश में समान नागरिक संहिता लागू करने के अपने तीसरे संकल्प को सिद्ध करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। संघ का शताब्दी वर्ष 2024 में शारदीय नवरात्रि की रामनवमी से शुरू होगा, जो 2025 के शारदीय नवरात्रि की रामनवमी तक चलेगा। 
विज्ञापन


अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण, जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति और समान नागरिक संहिता संघ के तीन बड़े मुद्दे रहे हैं। इनमें से दो बड़े मुद्दे मोदी सरकार 2.0 में पूरे हो गए हैं। मध्यप्रदेश और उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता के लिए कमेटी का गठन भी हो चुका है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सूत्रों के मुताबिक अब शताब्दी वर्ष में संघ समान नागरिक संहिता लागू कराने की दिशा में आगे बढ़ेगा। अनुषांगिक संगठन इसके लिए माहौल बनाने के साथ व्यापक सहमति बनाने का प्रयास करेंगे। विहिप के अवध प्रांत के अध्यक्ष कन्हैया अग्रवाल कहते हैं कि हर वो काम जो देश के हित में है वह करना है। समान नागरिक संहिता निश्चित तौर पर एक विचारणीय बिंदु है, समय आने पर यह भी पूरा होगा।

संघ के विस्तार में अहम भूमिका निभाएगा प्राण प्रतिष्ठा समारोह
श्रीरामलला का प्राण प्रतिष्ठा समारोह आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जितना भाजपा के लिए महत्वपूर्ण है, उतना ही आरएसएस के लिए भी है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन से लेकर प्राण प्रतिष्ठा समारोह की प्रत्येक तैयारी, निमंत्रण पत्र वितरण और अतिथियों के स्वागत सत्कार की कमान आरएसएस के हाथ रही है। 

 

इस कार्यक्रम के जरिये संघ ने देश और विदेश में प्रत्येक वर्ग में अपना आधार बढ़ाया है। बल्कि 22 जनवरी को होने वाले समारोह के लिए पूरे देश में राममय माहौल बनाकर गांव-गांव और मोहल्ले मोहल्ले तक संघ की किसी न किसी रूप में उपस्थिति को साबित किया है। जानकारों का मानना है कि प्राण प्रतिष्ठा समारोह संघ के शताब्दी वर्ष समारोह में संघ के विस्तार में अहम भूमिका निभाएगा।
 

संघ ने संख्या सीमित की
संघ के सूत्रों का कहना है कि रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में प्रत्येक वर्ग की भागीदारी के लिए संघ ने अपना दायरा सीमित किया है। संघ की ओर से अब 45 प्रांतों के प्रचारक, 11 क्षेत्रीय प्रचारकों के साथ अखिल भारतीय कार्यकारिणी के पदाधिकारी ही समारोह में शामिल हो रहे हैं।

संघ ने संभाला मोर्चा, भागवत आज आएंगे
प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले अयोध्या में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने पूरा मोर्चा संभाल लिया है। सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, सह सर कार्यवाह कृष्णगोपाल, भैयाजी जोशी सहित संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी अयोध्या पहुंच गए हैं। अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने शनिवार को अयोध्या में कार्यक्रम के प्रचार से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की। संघ प्रमुख मोहनराव भागवत रविवार को अयोध्या पहुंच रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed