फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   Ramayana artist Jamwant waiting for invitation for Ram temple inauguration

Ramayan: आवाज के जादू से जामवंत के किरदार को किया साकार, अब प्राण प्रतिष्ठा समारोह के निमंत्रण का इंतजार

Wed, 10 Jan 2024 10:27 PM IST
प्रगति चंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भदोही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भदोही Published by: प्रगति चंद Updated Wed, 10 Jan 2024 10:27 PM IST
सार

रामायण में जामवंत की भूमिका निभाने वाले कलाकार को राम मंदिर उद्घाटन समारोह के निमंत्रण का इंतजार है। अमर उजाला से खास बातचीत में वे कहते हैं प्रभु श्रीराम की कृपा ही थी कि भदोही जैसे छोटे से जिले से निकलकर वे राष्ट्रीय फलक पर छा पाए।

विज्ञापन
Ramayana artist Jamwant waiting for invitation for Ram temple inauguration
Rajshekhar Upadhyay - फोटो : twitter

विस्तार

जामवंत कह सुनु रघुराया। जा पर नाथ करहु तुम्ह दाया॥ ताहि सदा सुभ कुसल निरंतर। सुर नर मुनि प्रसन्न ता ऊपर॥... श्रीरामचरितमानस की यह पंक्तियां सुनाते हुए रामानंद सागर के मशहूर सीरियल रामायण में जामवंत की भूमिका निभाने वाले राजशेखर उपाध्याय थोड़े भावुक हो जाते हैं। वे कहते हैं प्रभु श्रीराम की कृपा ही थी कि भदोही जैसे छोटे से जिले से निकलकर वे राष्ट्रीय फलक पर छा पाए। 

विज्ञापन


अमर उजाला से खास बातचीत में राजशेखर उपाध्याय ने बताया कि जब वह मुंबई जैसे महानगर में पहुंचे तो कई छोटे-छोटे रोल और काम कर आजीविका चलाई, लेकिन श्रीराम की कृपा से उनकी मुलाकात पापा जी (रामायण सीरियल में काम करने वाले हर कलाकार रामानंद सागर को पापा जी ही बुलाते थे) से हुई। उनकी कद काठी और सुडौल शरीर को देखकर उन्होंने मुझे जामवंत की भूमिका निभाने का ऑफर दिया। 
विज्ञापन


बताया कि रामायण सीरियल में उन्होंने जामवंत के अलावा श्रीधर, मकराच्छ, अग्निदेव और आर्य सुमागध जैसे छोटे-छोटे रोल भी निभाए थे। बताया कि यह प्रभु श्रीराम की कृपा दृष्टि ही रही कि जिस भूमिका को मैंने मुखौटे के पीछे रहकर निभाया। वह अमर हो गया। आज भी जामवंत की आवाज और संवाद के कारण लोग मुझे पहचानते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

जामवंत को श्रीराम की पाती का इंतजार

रामायण सीरियल के शुरू होने के पीछे की कहानी को बताते हुए उन्होंने कहा कि सीरियल शुरू होने के कुछ साल पहले पापा जी काफी परेशान रहते थे। एक दिन हमारी मुलाकात हुई तो मैंने उन्हें आत्मिक शांति के लिए सुबह-शाम रामचरित मानस पाठ करने की सलाह दी। इसके बाद वे इतने रम गए कि रामायण सीरियल बनाने की ठानी और किरदारों की कांस्टिंग शुरू की गई। 

बताया कि सीरियल शुरू होने के बाद कई बाधाएं आई, लेकिन ऐसा लग रहा था कि मानों की प्रभु श्रीराम ही सीरियल की सारी बाधाओं को दूर कर रहे हैं और स्वत: ही सारी चीजें हो जाती थी। बताया कि अयोध्या में बन रहा राम मंदिर सनातन धर्म की ध्वजा को पूरे में विश्व में फहराने का कार्य करेगा। प्रभु श्रीराम ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी औरी सीएम योगी को इस काम के लिए चुना है। देश वासियों का सौभाग्य है कि हम इसके साक्षी बन रहे हैं।
 
उन्होंने बताया कि उन्हें राम मंदिर में श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण नहीं मिला है, लेकिन उन्हें प्रभु श्रीराम की पाती का इंतजार है। बताया रामायण में जामवंत प्रभु श्रीराम की सेना के मंत्री की भूमिका में थे। प्रभु श्रीराम उनसे सलाह लेकर ही कुछ काम करते थे। आज जब प्रभु श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा हो रही है तो अपने अभिनय से रामायण को अमर कर देने वाले किरदारों को भी निमंत्रण मिलना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed