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Ram Temple: खत्म होने को है रामलला के लिए 40 साल का इंतजार, दमोह के बलराम पांडे सरयू स्नान कर पहनेंगे जूते

Mon, 08 Jan 2024 04:23 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: रवींद्र भजनी Updated Mon, 08 Jan 2024 04:23 PM IST
सार

दमोह में 56 वर्षीय रामभक्त बलराम पांडे की भक्ति पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई हैं। 40 साल पहले उन्होंने प्रतिज्ञा ली कि जब तक अयोध्या में रामलला का मंदिर नहीं बनेगा, चप्पल-जूते नहीं पहनूंगा। इस प्रतिज्ञा को करीब चालीस साल जीने के बाद अब बलराम अयोध्या जाएंगे। सरयू नदी में स्नान करेंगे। उसके बाद ही जूते-चप्पल पहनेंगे।  
 

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Ram Temple Damoh Balram Pandey To Wear Shoes After Pran Pratishtha Of Ramlala in Ayodhya
बलराम पांडे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दमोह जिले के बटियागढ़ ब्लॉक में रहने वाले भगवान श्रीराम के अनन्य भक्त 56 वर्षीय बलराम पांडे पिछले 40 वर्ष से अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण का संकल्प लेकर नंगे पैर चल रहे हैं। अब उनका यह संकल्प पूरा हो गया है। अब जल्द ही अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करेंगे। उसके बाद वहीं पर पैरों में चप्पल-जूते पहनेंगे। 

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बटियागढ़ निवासी बलराम पांडे के पूर्वज अयोध्या में ही रहते थे। बाद में परिवार बटियागढ़ में आकर बस गया। बलराम पांडे अक्सर अयोध्या जाते रहते थे। जब उनकी आयु 16 वर्ष थी, तब 1983 में स्वजनों के साथ अयोध्या गए थे। वहां उन्होंने देखा कि जगत के पालनहार एक चबूतरे पर टेंट के नीचे बैठे हैं। अयोध्या में राम मंदिर की जमीन के मालिकाना हक का विवाद न्यायालय में था। उन्होंने वहीं संकल्प लिया कि जब तक अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण नहीं हो जाता वे नंगे पैर ही चलेंगे। बलराम पांडे का कहना था कि जिस दिन अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण पूरा हो जाएगा वे अयोध्या जाएंगे और वहीं पर पैर में जूते-चप्पल पहनेंगे। भले ही कितना ही समय लग जाए।
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पूजा-पाठ कर करते थे गुजर-बसर
पांडे के पूर्वज अयोध्या के पांडे मोहल्ला में रहते थे। पूजा-पाठ, प्रवचन कर अपना गुजर-बसर करते थे। धीरे-धीरे काम कम हो गया। बटियागढ़ के फुटेरा गांव निवासी रामनाथ पटेल और अन्य लोग अयोध्या में पांडे के घर रुकते थे। जब अयोध्या में गुजर-बसर मुश्किल हो गई तो पांडे के पूर्वज पटेल के साथ फुटेरा आ गए। यह 1907 की बात है। वहां के मंदिर में पूजा-पाठ करने। मंदिर की तरफ से परिवार को आठ एकड़ जमीन दी गई थी। रोजगार सहायक भरत पटेल ने बताया कि फुटेरा में ही बलराम के पिता सुदामा पांडे का जन्म हुआ। डॉ कृष्ण मुरारी असाटी ने बताया कि वह बलराम पांडे को कई वर्षों से नंगे पैर चलते देख रहे हैं। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि वह हमारे गांव में रहते हैं। उन्होंने कम उम्र में ही श्रीराम मंदिर निर्माण का संकल्प लेकर नंगे पैर चलना शुरू किया था। बटियागढ़ सरपंच करन सिंह पटेल, सचिव हाकम सिंह लोधी का कहना है कि उनकी पंचायत की पहचान ही बलराम पांडे से है।
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पूर्व कृषि मंत्री का प्रस्ताव भी ठुकराया था
पूर्व कृषि मंत्री डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया पथरिया से विधायक थे। उनकी विधानसभा में आने वाले बटियागढ़ ब्लॉक के बलराम पांडे से उनकी मुलाकात हुई थी। उनके संकल्प के बारे में जानकारी लगी थी। उन्होंने भी उनसे जूते या चप्पल पहनने का निवेदन किया। भगवान श्रीराम के प्रति बलराम पांडे की आस्था इतनी गहरी थी कि जूते पहनने से मना कर दिया।


50 लोगों के साथ जाएंगे अयोध्या
बलराम पांडे ने बताया कि उनका संकल्प पूरा हो रहा है। 22 जनवरी को भगवान श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा होगी। यदि भीड़ के चलते 22 जनवरी के आसपास नहीं जा पाए तो बाद में 50 लोगों के साथ जाएंगे। सरयू नदी में स्नान करने के बाद भगवान श्रीराम के दर्शन करेंगे। उसके बाद ही वह पैर में जूते पहनेंगे। 

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