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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Datia News ›   Ram Mandir: Sadhu's stubbornness to keep a fast of silence for 44 years for Ram temple

Ram Mandir: राम मंदिर के लिए 44 साल से मौनव्रत साधे साधु का हठ, 22 को अयोध्या नहीं पहुंचा तो त्याग दूंगा प्राण

Fri, 12 Jan 2024 07:29 PM IST
दिनेश शर्मा अमर उजाला, न्यूज डेस्क, दतिया
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, दतिया Published by: दिनेश शर्मा Updated Fri, 12 Jan 2024 07:29 PM IST
सार

अयोध्या में 22 जनवरी को प्रभु श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियां जारी हैं। लेकिन मध्यप्रदेश के दतिया में एक रामभक्त की हठ से प्रशासन के हाथ-पांव फूले हुए हैं। पूरा मामला समझने के लिए पढ़ें ये रिपोर्ट

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Ram Mandir: Sadhu's stubbornness to keep a fast of silence for 44 years for Ram temple
दतिया में मौनी बाबा राम मंदिर जाने का हठ लिए हुए हैं। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लगभग 500 वर्षों से भगवान श्री राम की जन्मस्थली अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण के लिए संघर्ष चला। कई साधु संत, राम भक्तों व कारसेवकों ने रामलला मंदिर के निर्माण के लिए अपनी कुर्बानी दी है। कई साधु संत ऐसे भी रहे जिन्होंने मंदिर का निर्माण नहीं होने तक कई चीजों का परित्याग किया। इन्हीं तपस्वियों में से एक हैं दतिया के मौनी बाबा, जो 44 सालों से राम मंदिर निर्माण के लिए मौन व्रत पर हैं। दतिया के मौनी बाबा ने कलेक्टर व एसपी को साफ कह दिया है कि उन्हें 22 जनवरी को अयोध्या नहीं पहुंचाया तो वे प्राण त्याग देंगे। 
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दरअसल मौनी बाबा ने यह प्रण अपने गुरु पूज्य संत दामोदरदास मौनी बाबा से लिया था। लगभग 100 वर्ष पहले उनाव बालाजी पर रहने वाले संत दामोदरदास उर्फ मौनी बाबा ने प्रण लिया था कि जब तक अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण नहीं हो जाता तब तक के लिए अन्य अन्न का परित्याग कर फलाहारी रहेंगे। पादुका त्याग करते हुए उन्होंने मौन व्रत धारण किया था। समय की गति के चलते दामोदर दास महाराज ने अपना शरीर त्याग दिया और गुरु शिष्य परंपरा का निर्वहन करते हुए उनके शिष्य मोहन गोपाल दास उर्फ मौनी बाबा ने इस संकल्प को आगे बढ़ाया।
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1980 से कर रहे मौन व्रत साधना
इन दिनों गोपाल दास उर्फ मौनी बाबा दतिया के प्रसिद्ध अनामय आश्रम पर निवास करते हैं। वे 1980 से मौन व्रत की साधना कर रहे हैं। लगभग चार दशक से अधिक समय गुजर जाने के बाद वह शुभ अवसर भी आ गया, जिसके लिए मौनी बाबा तपस्या कर रहे थे। 22 जनवरी को उनके आराध्य प्रभु श्री राम लला को पुनः अयोध्या के नवनिर्मित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में स्थापित किया जा रहा है, लेकिन मौनी बाबा के सामने एक समस्या खड़ी हो गई है क्योंकि उन्हें अयोध्या से किसी प्रकार का कोई आमंत्रण नहीं मिला है। इसी के बाद से मौनी बाबा धरने पर बैठ गए हैं।
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आश्वासन देकर मनाया
मौनी बाबा के धरने पर बैठने के बाद दतिया कलेक्टर संदीप माकिन ने अपने कर्मचारियों को बाबा को मनाने पहुंचाया, लेकिन मौनी बाबा अपने हठ पर अडिग रहे। उन्होंने लिखकर बताया कि या तो अयोध्या जाएंगे, अन्यथा प्राणों को त्याग देंगे। शाम ढलने के बाद पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बाबा को मनाने का प्रयास किया। फिलहाल बाबा एसपी के आश्वासन पर धरने से उठ गए हैं। उन्हें आश्वासन दिया गया है कि उन्हें अयोध्या पहुंचाया जाएगा। अब देखना ये होगा कि क्या मोहन गोपाल दास उर्फ मौनी बाबा 22 जनवरी को अपना व्रत खोल पाएंगे? दतिया पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने इस मामले पर कहा हम कलेक्टर साहब से बात करके अयोध्या प्रशासन तक मौनी बाबा की बात पहुंचाएंगे और बाबा को अयोध्या पहुंचाने का प्रबंध करेंगे जिससे उनकी वर्षों की तपस्या पूरी हो सके।
 
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