प्राण प्रतिष्ठा: प्रभु राम के मित्र गुह्यराज के वंशज भी बने यजमान, पत्नी रचना संग गए थे अयोध्या
अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की तिथि 22 जनवरी घोषित होने के बाद जहां पूरा देश खुशी मना रहा था, वहीं रवि निषाद की खुशी तब और बढ़ गई, जब 16 जनवरी को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ कमेटी की ओर से उनके मोबाइल पर कॉल आया।
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अयोध्या में राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में देशभर से आए 15 यजमानों में भगवान राम के मित्र गुह्यराज के वंशज रवि कुमार निषाद भी शामिल थे। उन्होंने पत्नी के साथ आयोजन में प्रतिभाग किया। गोरखपुर विश्वविद्यालय में उप कुलसचिव के पद पर तैनात रवि निषाद ने गर्भगृह में मौजूद रहकर पूजन-अर्चन को विधि-विधान से पूरा कराया। प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होकर आए रवि निषाद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में भव्य आयोजन में शामिल होना उनके जीवन का सबसे अहम पल था।
रवि निषाद मूलत: अयोध्या में सरयू नदी के तट पर स्थित तारघाट के रहने वाले हैं। मान्यता है कि वह महराजा गुह्यराज के वंश से जुड़े हुए हैं। दो वर्ष पहले वह गोरखपुर विश्वविद्यालय में सहायक कुलसचिव के पद पर नियुक्त हुए। बाद में वह उप कुलसचिव बनाए गए।
अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की तिथि 22 जनवरी घोषित होने के बाद जहां पूरा देश खुशी मना रहा था, वहीं रवि निषाद की खुशी तब और बढ़ गई, जब 16 जनवरी को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ कमेटी की ओर से उनके मोबाइल पर कॉल आया।
फोन पर उनको यजमान के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया गया। साथ ही उनके रहने का स्थान पूछा गया। एक दिन बाद रामजन्म भूमि कमेटी के लोगों ने बाकायदा उनके आवास पर पहुंचकर आमंत्रण पत्र दिया और यजमान के रूप में सपत्नीक शामिल होने का अनुरोध किया। रवि निषाद ने बताया कि 22 जनवरी की भोर में पत्नी रचना के साथ अयोध्या के लिए रवाना हो गए। राम जन्मभूमि कमेटी की ओर से लगातार उनका लोकेशन लिया जाता रहा। सुबह 9 बजे वह मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश कर गए।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का पूजन करा रहे थे, तब वह भी गर्भ गृह में पत्नी के साथ विद्ववतजनों की देखरेख में पूजन-अर्चन के कार्य को संपन्ना करवा रहे थे।
अपने को खुशनसीब मान रहे रवि
प्राण प्रतिष्ठा समारोह में सपत्नीक शामिल होने के बाद रवि की खुशी का ठिकाना नहीं है। वह अपने को खुशनसीब मान रहे हैं कि उनको भगवान राम के मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में यजमान के रूप में शामिल होने का मौका मिला और वह ऐतिहासिक पल के साक्षी बने। उन्होंने इसके लिए रामजन्म भूमि मंदिर ट्रस्ट और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया है।