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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Ram devotees who left for Ayodhya on foot from Chhattisgarh reached Prayagraj, will see Ramlala within 40 days

UP : छत्तीसगढ़ से पैदल अयोध्या के लिए निकले रामभक्त प्रयागराज पहुंचे, जल्द से जल्द रामलला का दर्शन की इच्छा

Sun, 07 Jan 2024 04:13 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 07 Jan 2024 04:13 PM IST
सार

भगवान राम का दर्शन करने के लिए छत्तीसगढ़ के दो युवक अयोध्या के लिए पैदल ही निकल पड़े हैं। रविवार को दोनों रामभक्त प्रयागराज पहुंचे। उनका कहना है कि भगवान राम की कृपा से वह निर्धारित समय से पहले ही रामनगरी पहुंच जाएंगे। 

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Ram devotees who left for Ayodhya on foot from Chhattisgarh reached Prayagraj, will see Ramlala within 40 days
छत्तीसगढ़ से अयोध्या के लिए पैदल निकले रामभक्त प्रयागराज पहुंचे। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का दर्शन करने के लिए छत्तीसगढ़ के दो युवा रामभक्त पैदल ही निकल पड़े हैं। वह कई दिनों का पैदल सफर करते हुए रविवार को प्रयागराज पहुंचे। राम के प्रति अगाध भक्ति और श्रद्धा देखकर हर कोई स्तब्ध है। छत्तीसगढ़ से अयोध्या की 800 किलोमीटर की पदयात्रा 40 दिन में पूरी करने का अनुमान लगाया था, लेकिन राम की कृपा इन दोनों से 26 दिन में ही 600 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर ली है। निर्धारित समय से पहले ही यह रामनगरी पहुंच जाएंगे।

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छत्तीसगढ़ के दतान निवासी मनोज साहू (27 और सर्रा छत्तीसगढ़ निवासी नारायण वैष्णव रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ से अयोध्या के लिए पैदल ही निकल पड़े हैं। 800 किलोमीटर की इस यात्रा को इन दोनों ने 600 किलोमीटर 26 दिनों में ही पूरा कर लिया है। इनको उम्मीद है कि वह समय से रामनगरी पहुंच जाएंगे और प्राण प्रतिष्ठा के ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बन सकेंगे। 

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अयोध्या के बाद काशी विश्वनाथ जाने की तैयारी
 

नारायण वैष्णव ने बताया कि 12 दिसंबर को अपनी यात्रा शुरू की थी। करीब 800 किलोमीटर लंबी यात्रा को 40 दिन में पूरा करने की योजना थी। लेकिन प्रतिदिन 25 से 27 किलोमीटर चलने के कारण यह 26 दिनों में ही 600 किमी की यात्रा पूरा कर चुके हैं। कहा कि शायद भगवान के दर्शन 40 दिन से पहले ही हो जाएंगे।

 

मनोज साहू कहते हैं कि उनकी यात्रा का उद्देश्य युवाओं को इस ऐतिहासिक पल के प्रति जागरूक करना है। बताया कि यात्रा सफलता पूर्वक पूरी करने के बाद वह काशी विश्वनाथ पहुंचकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन भी करेंगे। इनका कहना है कि भगवान शिव प्रभु श्रीराम के आराध्य हैं। बिना शिवजी के दर्शन के रामलला का दर्शन अधूरा रह जाएगा।

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