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एक रामभक्त ऐसा भी: कड़ाके की ठंड में रामलला के दर्शन को 200 किमी नंगे पांव चलकर पहुंचेगा अयोध्या, बताई ये बात
Tue, 02 Jan 2024 05:47 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, भदोही
अमर उजाला नेटवर्क, भदोही
Published by: प्रगति चंद
Updated Tue, 02 Jan 2024 05:47 PM IST
सार
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का शोर पूरे देश में गूंज रहा है। रामभक्तों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। रामलला के दर्शन करने को हर कोई उत्सुक है। वहीं एक राम भक्त ऐसा भी है जो श्रीराम के दर्शन के लिए कड़ाके की ठंड में 200 किलोमीटर नंगे पांव पदयात्रा कर अयोध्या पहुंचेगा।
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रामभक्त रमेश सिंह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
श्रद्धा और भक्ति का जब एक साथ मिलन होता है तो संकल्प जन्म लेता है। एक ऐसा संकल्प जो हमें हमारे प्रभु से मिला दे। कुछ ऐसा ही संकल्प डीघ ब्लॉक के गोलखरा निवासी रमेश सिंह ने लिया है। बीते पांच सालों से वे श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए नंगे पांव हैं। प्रभु श्रीराम को टेंट में देखकर द्रवित होने वाले रमेश ने पांच साल पहले राम मंदिर निर्माण तक नंगे पांव रहने का संकल्प लिया था। उनका यह संकल्प अब पूरा होने वाला है। आगामी 12 जनवरी को वे माता सीता के समाहित स्थल सीतामढ़ी से प्रभु श्रीराम के मिलन को नंगे पांव ही निकलेंगे। प्रभु के दर्शन के साथ उनका संकल्प भी पूरा हो जाएगा।
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डीघ ब्लॉक के गोलखरा निवासी रमेश सिंह पेशे से किसान हैं। 2018 में कार्तिक मास के दौरान वे पंचकोशी यात्रा पर गए थे। इस दौरान अयोध्या में श्रीराम लला के दर्शन को पहुंचे रमेश सिंह अपने प्रभु श्रीराम को टेंट में बैठे देखकर इतना द्रवित हुए कि उसकी क्षण जूता-चप्पल त्याग नंगे पांव रहने का संकल्प लिया। उन्होंने यह प्रण लिया कि जब तक राम मंदिर का निर्माण नहीं हो जाएगा। वे नंगे पांव ही रहेंगे।
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अमर उजाला के साथ बातचीत में उन्होंने बताया कि 2018 में जब वे दर्शन करने गए थे तो रामलला के विग्रह के पास बड़े-बड़े घास उग आए थे। जिससे उनका मन कष्ट से भर गया। बताया कि 2020 में जब राम मंदिर का शिलान्यास हुआ तो वे नंगे पांव ही साइकिल चलाकर अयोध्या प्रभु श्रीराम का दर्शन करने गए थे। अब उनका संकल्प पूरा होने का समय आ गया है।
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जिस घड़ी का उन्हें काफी समय से इंतजार था। अब वह घड़ी करीब आ गई है। जिससे वे काफी प्रसन्न हैं। बताया कि श्रीराम लला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद वे प्रभु का दर्शन करेंगे। 12 जनवरी को माता सीता के समाहित स्थल से नंगे पांव ही 250 किमी की यात्रा कर अयोध्या प्रभु श्रीराम से मिलने जाएंगे।
सीएम से भी मिल चुके हैं रमेश
श्रीराम भक्त रमेश सीएम योगी आदित्यनाथ से भी मिल चुके हैं। बताया कि 28 जुलाई 2023 को वे सीएम योगी से मिलकर अपने संकल्प की जानकारी दी। जहां सीएम योगी ने उनसे कहा था कि अब तो राम मंदिर बनने लगा है तो जूता-चप्पल पहन लो। इस पर रमेश सिंह ने बताया कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद उनके दर्शन करके ही अपने संकल्प को पूरा करेंगे।
नहीं मिला है न्योता, लेकिन दर्शन को जाएंगे जरूर
रमेश सिंह ने बताया कि 22 जनवरी को अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का उन्हें न्योता नहीं मिला है, लेकिन उन्होंने संकल्प लिया है कि प्रभु श्रीराम का दर्शन जरूर करेंगे। बताया कि वे 12 जनवरी से अपनी पदयात्रा शुरू करेंगे। 22 जनवरी को भले ही दर्शन न हो सके, लेकिन 23 या 24 को दर्शन कर अपना संकलप की पूर्णाहुति करेंगे।
नहीं मिला है न्योता, लेकिन दर्शन को जाएंगे जरूर
रमेश सिंह ने बताया कि 22 जनवरी को अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का उन्हें न्योता नहीं मिला है, लेकिन उन्होंने संकल्प लिया है कि प्रभु श्रीराम का दर्शन जरूर करेंगे। बताया कि वे 12 जनवरी से अपनी पदयात्रा शुरू करेंगे। 22 जनवरी को भले ही दर्शन न हो सके, लेकिन 23 या 24 को दर्शन कर अपना संकलप की पूर्णाहुति करेंगे।