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Ram Mandir: अयोध्या से होगा पूर्वांचल का विकास, पूर्वोत्तर रेलवे की भी बढ़ेगी रफ्तार

Wed, 10 Jan 2024 02:34 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 10 Jan 2024 02:34 PM IST
सार

पिछले साल प्रधानमंत्री ने अयोध्या को ध्यान में रखते हुए गोरखपुर से लखनऊ के बीच वंदेभारत ट्रेन का उद्घाटन किया था। इसके बाद बीते 30 दिसंबर को भी अयोध्या से दिल्ली और जनकपुर को जोड़ने के लिए अमृत भारत एक्सप्रेस शुरू किया गया।

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Purvanchal will develop from Ayodhya speed of North Eastern Railway will also increase
ayodhya ram mandir - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

श्रीराम के मंदिर से अयोध्या का तो विकास होगा ही, इससे जुड़े स्थलों पर भी आवागमन के साधन बढ़ जाएंगे। इसका सबसे अधिक फायदा पूर्वांचल और पूर्वोत्तर रेलवे को होगा। पूर्वांचल को जहां विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थल मिलेगा, वहीं पूर्वोत्तर रेलवे के क्षेत्र से कई वीआईपी ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। इस होने वाले खास परिवर्तन को देखते हुए रेलवे ने अपने ट्रैक और स्टेशनों का कायाकल्प शुरू कर दिया है।

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भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या को अगर केंद्र बिंदु मानकर देखें तो वहां से करीब 150 किलोमीटर गोरखपुर, 100 किलोमीटर लखनऊ, 180 किलोमीटर वाराणसी और 170 किलोमीटर प्रयागराज है। लखनऊ से बाराबंकी होते हुए अयोध्या तक रेल लाइन है। मनकापुर से अयोध्या होते हुए प्रयागराज लाइन है। इसके अलावा अयोध्या से वाराणसी वाली लाइन भी है। इस प्रकार अयोध्या चारों तरफ से बड़ी लाइन से भी जुड़ा है।
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इसकी यही खासियत इसे पूर्वांचल का सबसे प्रमुख केंद्र बनाने के लिए काफी है। आने वाले दिनों में अयोध्या में जुटने वाली भीड़ को देखते हुए बाराबंकी-अयोध्या धाम-अकबरपुर-जफराबाद खंड पर अयोध्या धाम जंक्शन-अयोध्या कैंट-सलारपुर स्टेशनों के मध्य दोहरीकरण कार्य कराया जा रहा है। पूर्वोत्तर रेलवे की तरफ से कटरा स्टेशन व रामघाट हाल्ट स्टेशन का विस्तार कराया गया है।
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रेल अधिकारियों का मानना है कि अब हर रेल खंड अयोध्या के लिए अपने क्षेत्र से ट्रेन शुरू कर सकता है। बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत की तरफ से आने वाली ट्रेन एनईआर के क्षेत्र से होकर आएगी-जाएगी। इसी तरह उत्तर व पश्चिम भारत की तरफ से आने वाली ट्रेनों को भी एनईआर के रास्ते बिहार व पश्चिम बंगाल भेजा जा सकता है।
 

ट्रेन ट्रैक का भी मिलेगा विकल्प
अयोध्या के लिए नई लाइनें बनाने के बाद पूर्वोत्तर रेलवे के पास विकल्प बढ़ जाएंगे। अब गोरखपुर से लखनऊ जाने के लिए रेलवे के पास गोरखपुर-गोंडा-बाराबंकी के अलावा गोरखपुर-अयोध्या-लखनऊ रूट भी उपलब्ध हो गया है। मनकापुर-सीतापुर रेल खंड का विकास होने के बाद दिल्ली के लिए भी यह बेहतर विकल्प बन जाएगा। अन्य रूटों के लिए भी इस तरह के विकल्प फायदेमंद होंगे। इससे किसी आपात स्थिति में ट्रेनों का संचालन पूरी तरह से ठप होने के बजाय उन्हें वैकल्पिक मार्ग से भेजना सुविधाजनक हो जाएगा।

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वंदेभारत-अमृतभारत का मिल चुका है लाभ
पिछले साल प्रधानमंत्री ने अयोध्या को ध्यान में रखते हुए गोरखपुर से लखनऊ के बीच वंदेभारत ट्रेन का उद्घाटन किया था। इसके बाद बीते 30 दिसंबर को भी अयोध्या से दिल्ली और जनकपुर को जोड़ने के लिए अमृत भारत एक्सप्रेस शुरू किया गया। यह ट्रेन भी गोरखपुर स्टेशन से होकर ही गुजर रही है। अयोध्या से दिल्ली के लिए शुरू की गई वंदेभारत का भी लाभ भी सबसे अधिक पूर्वांचल के लोगों को ही मिलेगा। क्योंकि इस ट्रेन से दिल्ली से अयोध्या पहुंच जाएंगे। यहां से कुछ ही घंटों में बस्ती, संतकबीरनगर, आंबेडकरनगर, आजमगढ़, मऊ, जौनपुर, गोरखपुर आदि जिलों में पहुंचा जा सकता है।


 
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