Ayodhya: देवरहा बाबा के कहने पर सीएम वीरबहादुर सिंह ने खुलवाया था राम जन्मभूमि का ताला, अब सत्य हुई भविष्यवाणी
अयोध्या में 22 जनवरी को आयोजित भगवान श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से विशिष्ट अतिथियों को निमंत्रण पत्र भेजा जा रहा है। इस निमंत्रण पत्र के साथ संकल्प नाम की पुस्तक भी भेजी जा रही है।
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ब्रह्मर्षि योगीराज देवरहा बाबा का राम मंदिर आंदोलन में अहम योगदान था। प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरबहादुर सिंह का देवरहा बाबा के आश्रम में उनका अक्सर आना होता था। बाबा से उनका अटूट लगाव रहा। वीरबहादुर सिंह ने देवरहा बाबा के कहने पर ही वर्ष 1986 में राम जन्मभूमि स्थल का ताला खुलवाया था। मंदिर आंदोलन में देवरहा बाबा के योगदान को देखते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से निमंत्रण पत्र के साथ भेजी जा रही विशिष्ट पुस्तक में कई विभूतियों के साथ ब्रह्मर्षि का भी चित्र अंकित किया गया है।
आश्रम के पीठाधीश्वर श्यामसुंदर दास ने बताया कि देवरहा बाबा आज हमारे बीच नहीं है लेकिन उनकी भविष्यवाणी साकार हो रही हैं। बाबा ऐसे संत थे जिनके चरणों में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री भी सिर झुकाते थे। पीठाधीश्वर के अनुसार, एक बार तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरबहादुर सिंह बाबा का दर्शन करने आश्रम आए तो बाबा ने कहा था, भक्त... भगवान राम सबकी आत्मा में बसते हैं। अयोध्या में भगवान राम के जन्मस्थान का ताला खुलवा दो। देवरहा बाबा की बातों से प्रभावित होकर एक फरवरी, 1986 को विवादित स्थल राम मंदिर का ताला खुलवा दिया गया।
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34 साल बाद अक्षरश: सही साबित हो रहीं बाबा की कही बातें
पीठाधीश्वर श्यामसुंदर दास ने बताया कि 1989 में प्रयागराज में हुई धर्म संसद में विश्व हिंदू परिषद, आरएसएस, देश के धर्माचार्यों की भीड़ जुटी थी। उस समय बाबा ने कहा था कि बच्चा घबराओ नहीं, एक दिन ऐसा समय आएगा कि आम सहमति से हिंदू-मुस्लिम सब मिलकर भव्य राम मंदिर का निर्माण करेंगे। बाबा की कही हुई बातें 34 साल बाद साकार हो रहीं हैं। पीठाधीश्वर ने कहा कि हम सौभाग्यशाली हैं कि प्राण प्रतिष्ठा में साक्षी बनने का निमंत्रण मिला है। 21 जनवरी को भगवान को भोग लगाने के लिए शुद्ध मिष्ठान के साथ अयोध्या जाएंगे।
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संघर्ष में अहम भूमिका निभाने वाली 21 विभूतियों में देवरहा बाबा का स्थान पहला
अयोध्या में 22 जनवरी को आयोजित भगवान श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से विशिष्ट अतिथियों को निमंत्रण पत्र भेजा जा रहा है। इस निमंत्रण पत्र के साथ संकल्प नाम की पुस्तक भी भेजी जा रही है। पुस्तक श्रीराम जन्मभूमि की मुक्ति के लिए 500 साल के संघर्ष में अहम भूमिका निभाने वाले 21 महापुरुषों का नाम समर्पित है। इसमें रामलला की तस्वीर के बाद वाले पहले पन्ने पर देवरहा बाबा की तस्वीर छपी है। आश्रम के पीठाधीश्वर श्यामसुंदर दास को निमंत्रण पत्र मिलने से पूरे आश्रम सहित क्षेत्र में उत्सव का माहौल है।