फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Hanuman Chalisa and Sunderkand were written with the word Ram

गजब: केवल एक राम शब्द से लिख दी हनुमान चालीसा व सुंदरकांड, बिना लाइन खींचे बना दीं कई तस्वीरें

Sat, 20 Jan 2024 04:22 AM IST
चमन शर्मा विनीत चौरसिया, अमर उजाला, हाथरस
विनीत चौरसिया, अमर उजाला, हाथरस Published by: चमन शर्मा Updated Sat, 20 Jan 2024 04:22 AM IST
सार

हनुमान गली निवासी बुजुर्ग कृष्णमुरारी अग्रवाल नं 2019 में न्यायालय से अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर बनाए जाने का निर्णय आने के बाद श्रीराम के नाम को अपनी कलम से अद्भुत तरीके से कागजों पर उतारना शुरू कर दिया। केवल राम शब्द से हनुमान चालीस, सुंदरकांड लिख दिया। राम शब्द से कई चित्र बना दिए।

विज्ञापन
Hanuman Chalisa and Sunderkand were written with the word Ram
राम शब्द से लिख दिए हनुमान चालीसा, सुंदरकांड - फोटो : वीडियो ग्रैब

विस्तार

राम नाम का जादू शहर के एक भक्त पर इस कदर चढ़ा कि उन्होंने राम शब्द से हनुमान चालीसा और सुंदरकांड लिख दिया। हाथरस शहर के हनुमान गली निवासी 72 वर्षीय इन बुजुर्ग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अयोध्या के श्रीराम मंदिर सहित एक दर्जन से अधिक अन्य चित्र भी बेहद आकर्षक तरीके से बनाए हैं।

विज्ञापन

विज्ञापन

हनुमान गली निवासी बुजुर्ग कृष्णमुरारी अग्रवाल भगवान श्रीराम के भक्त हैं। वर्ष 2019 में न्यायालय से अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर बनाए जाने का निर्णय आने के बाद उन्होंने श्रीराम के नाम को अपनी कलम से अद्भुत तरीके से कागजों पर उतारना शुरू कर दिया। कोरोनाकाल के लॉकडाउन में उन्होंने इस कार्य को और गति दे दी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

राम दरबाद और माेदी चित्र

वर्तमान में वह राम शब्द से रामचरित मानस लिखने का काम कर रहे हैं, जिसका बाल कांड पूरा भी हो चुका है। कृष्णमुरारी इसे एक धरोहर की तरह संभाल रहे हैं। बात अगर चित्रों की करें तो वह भी अद्भुत हैं। उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर का फोटो बनाया है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चित्र भी सिर्फ राम नाम के शब्द से बनाया है। इसके अलावा उन्होंने अलौकिक श्रीराम दरबार , जिसमें राम सीता लक्ष्मण के साथ सेवक हनुमान भी मौजूद हैं। 
मोदी चित्र
उन्होंने महाकालेश्वर, भगवान गणेश, शहर के सादाबाद गेट स्थित मंदिर के बालाजी महाराज की प्रतिमा, बाल कृष्ण, अग्रसेन महाराज, परशुराम के चित्र भी राम नाम से बनाए हैं। इन सभी को वह बकायदा चमकीले कपड़ों की पोटली में मनभावन खुशबू के साथ संभालकर रखे हुए हैं और समय-समय पर पूजन करते हैं। 

कृष्णमुरारी अग्रवाल कहते हैं कि श्रीराम की भक्ति उन्हें उनके पिता जवाहरलाल से मिली। भगवान श्रीराम की कृपा से ही गुरु मानस शास्त्री के आशीर्वाद से वह यह सब कर पाए हैं। अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर के निर्माण का जो सपना उन्होंने व उनके परिवार ने देखा था, आज वह सच हो रहा है, जिसकी उन्हें बेहद प्रसन्नता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed