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Ayodhya Ram Mandir: श्रीराम मंदिर के लिए छोड़ना पड़ा मेयर का पद, जेल भी गए थे बरेली के राजकुमार अग्रवाल

Sat, 20 Jan 2024 02:51 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 20 Jan 2024 02:51 PM IST
सार

Ayodhya Ram Mandir News: श्रीराम मंदिर आंदोलन में बरेली के पहले मेयर रहे राजकुमार अग्रवाल की भी भूमिका रही थी। उन्हें श्रीराम मंदिर आंदोलन में भाग लेने की वजह से मेयर पद छोड़ना पड़ा था। अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने आंदोलन से जुड़ी यादें साझा कीं। 

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Bareilly Rajkumar Aggarwal had to leave the post of mayor for Shri Ram Mandir
श्रीराम मंदिर आंदोलन में शामिल हुए थे पूर्व मेयर राजकुमार अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वर्ष 1990 में कारसेवा का आह्वान हुआ तो मैं बरेली का मेयर था। मैंने डॉ. दिनेश जौहरी के साथ अयोध्या जाने की योजना बनाई थी। प्रशासन को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने मेयर पद के दायित्व की वजह से आंदोलन में शामिल न होने की अपील की। खुफिया एजेंसियों के जरिये मेरी निगरानी भी शुरू करा दी गई थी। इसके बाद भी मैं कारसेवा के लक्ष्य से नहीं डिगा। बरेली के पहले मेयर रहे राजकुमार अग्रवाल ने ये बातें कहीं।

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उन्होंने बताया कि अय्यूब खां चौराहे पर सभासद व कार्यकर्ता इकट्ठा हुए। आशंका थी कि अगर कहीं अयोध्या जाने की सूचना लीक हुई तो उनकी गिरफ्तारी हो जाएगी। मंथन के बाद हम सभी रात में डॉ. मित्तल के घर ठहरे थे। सुबह अयोध्या के लिए रवाना हुए तो पुलिस ने गिरफ्तार कर सभी को शाहजहांपुर जेल में डाल दिया। 
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जेलर को जब पता चला कि मैं बरेली का मेयर हूं तो उसने प्रोटोकॉल के तहत व्यवस्थाएं कीं, लेकिन बाहर नहीं जाने दिया। मेरे साथ तीन दोस्तों को भी जुवेनाइल जेल में 15 दिन बंद रखा गया था। वहां राजस्थान के भी 70 लोग बंद थे। कई अन्य जिलों के लोग भी आरएफसी गोदाम में बंद थे। सभी के लिए मिठाई और फल पहुंचता था। वितरण की जिम्मेदारी मुझे मिली थी। हम सब दिन भर श्रीराम जी का भजन करते थे। राजस्थान के जो लोग बंद थे, वे बेहद सुमधुर कीर्तन करते थे। 

जेल से लौटा तो विपक्षी ले आए अविश्वास प्रस्ताव
जेल से छूटने के बाद हमें बरेली लाकर छोड़ा गया। इसके बाद विरोधी सभासदों और विपक्षी दलों को मौका मिला तो सदन की बैठक बुलाकर मेरे खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया, जो पास हो गया। मुझे पद छोड़ना पड़ा। फिर से दावेदारी की तो मुझे 42 वोट मिले। मैं दोबारा शहर का मेयर चुना गया। 

चाहकर भी नहीं जा सकता अयोध्या
उन्होंने कहा कि श्रीरामजन्म भूमि पर अब रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है लेकिन 90 वर्ष की आयु और खराब स्वास्थ्य की वजह से चाहकर भी श्रीराम जी के दर्शन नहीं कर सकता। बैसाखी और एक सहयोगी का सहारा लेकर चलना पड़ता है।
 
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