मेरे राम : राम मंदिर के दानवीरों में आशिक बाबा-मोहम्मद युनूस, ड्योढ़ी के लिए दी निधि
प्रयागराज स्थित विहिप के काशी प्रांत कार्यालय में राम मंदिर के लिए समर्पण निधि अर्पित करने वाले दानदाताओं की लंबी सूची तैयार की गई है। काशी प्रांत के 27 जिलों से 22 लाख 33 हजार 522 परिवारों ने समर्पण निधि दानदाताओं को सूचीबद्ध किया गया है।
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जन्मभूमि अयोध्या में अद्वितीय राम मंदिर निर्माण के लिए मजहबी दीवारें भी टूट रही हैं। संगमनगरी के दो मुस्लिम दानवीरों ने मंदिर निर्माण के लिए समर्पण निधि अर्पित कर अपना नाम अमर करा लिया है। इन मुस्लिम दानदाताओं की ख्वाहिश है कि देश-दुनिया से अयोध्या आने वाले भक्तों के चरण सबसे पहले जहां पड़ें, उसी जगह उनके पसीने की गाढ़ी कमाई खर्च की जाए। इसके लिए रामलला की ड्योढ़ी बनवाने की उन्होंने इच्छा जताई है।
प्रयागराज स्थित विहिप के काशी प्रांत कार्यालय में राम मंदिर के लिए समर्पण निधि अर्पित करने वाले दानदाताओं की लंबी सूची तैयार की गई है। काशी प्रांत के 27 जिलों से 22 लाख 33 हजार 522 परिवारों ने समर्पण निधि दानदाताओं को सूचीबद्ध किया गया है। इनमें नैनी के आशिक बाबा और मुहम्मद युसूफ के भी नाम शामिल हैं।
आशिक बाबा ने रामलला के लिए समर्पण निधि अर्पित करने के पीछे अपनी भावना को मंगलवार से साझा किया। आशिक बाबा कहते ही उनकी हसरत है कि रामलला के दर्शन के लिए आने वाले भक्तों के प्रथम चरण मंदिर में जिस जगह पड़ें, वहीं उनकी रकम खर्च की जाए। इसके राममंदिर की ड्योढ़ी के निर्माण में अपनी मेहनत की कमाई लगाने की इच्छा उन्होंने जताई है।
मुहम्मद युसूफ रामलला के विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर बेहद उत्साहित हैं। वह कहते ही समर्पण निधि अर्पित कर उन्हें बेहद सुकून मिला है। विहिप काशी प्रांत के कोषाध्यक्ष रवींद्र मोहन गोयल बताते हैं कि मंदिर निर्माण के लिए समर्पण निधि का संग्रह करने वाली टोलियों ने किसी तरह का भेदभाव नहीं किया। जिसने भी निधि अर्पित करने की इच्छा जताई उसे सहर्ष स्वीकार किया गया। काशी प्रांत कार्यालय से रामलला के खजाने में अब तक 74 करोड़ रुपये समर्पण निधि के रूप में जमा कराए गए हैं।
प्राण-प्रतिष्ठा के बाद सपरिवार रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या जाएंगे आशिक बाबा
रामलला के नवीन विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद आशिक बाबा अपने पूरे परिवार के साथ अयोध्या दर्शन के लिए जाएंगे। वह रामलला के बालरूप को निहारने के लिए आतुर हैं। उनका कहना है कि वह अयोध्या धाम जाने के लिए अपने रिश्तेदारों और पड़ोसियों को भी तैयार कर रहे हैं।