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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   400 kg Aligarh lock will be installed in Shri Ram temple of Ayodhya

Ram Mandir: अयोध्या के श्रीराम मंदिर में पहुंच रहा 400 किलो का ताला, 30 किलो की चाबी; छह महीने में बनकर तैयार

Fri, 19 Jan 2024 06:51 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Fri, 19 Jan 2024 06:51 PM IST
सार

अलीगढ़ में ज्वालापुरी की गली नंबर पांच निवासी ताला कारीगर सत्यप्रकाश शर्मा एवं उनकी पत्नी रुकमणी शर्मा ने 400 किलोग्राम के ताले को तैयार किया। छह फीट दो इंच लंबे और दो फीट साढ़े नौ इंच चौड़े ताले को बनाने में 65 किलोग्राम पीतल लगा। तीन फिट चार इंच लंबी इसकी चाबी तीस किलोग्राम की है। इसको बनाने में छह महीने लगे।

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400 kg Aligarh lock will be installed in Shri Ram temple of Ayodhya
400 किलो का ताला - फोटो : वीडियो ग्रैब

विस्तार

अलीगढ़ महानगर के थाना क्वार्सी क्षेत्र के ज्वालापुरी निवासी सत्यप्रकाश शर्मा का 400 किलोग्राम वजन का ताला अयोध्या रवाना हो गया है। इस ताले को विश्व का सबसे बड़ा ताला बताया जा रहा है। ताले को सत्यप्रकाश शर्मा की पत्नी रुक्मणि देवी एवं बेटे महेश चंद ने बनाया है।  महामंडलेश्वर डॉ. अन्नपूर्णा भारती पुरी महाराज को अयोध्या में भेंट करने के लिए इस ताले को सौंप दिया गया है। 

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चाभी
डॉ. अन्नपूर्णा भारती पुरी अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में सम्मिलित होने के लिए ताले को लेकर रवाना हो गईं। उन्होंने बताया कि ताले को राम जन्मभूमि क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपा जाएगा। राम मंदिर के दर्शन को आने वाले लोग इस ताले को अलीगढ़ के प्रतीक चिन्ह के रूप में जानेंगे। व्यावसायिक दृष्टि से ताला कारोबारियों का मनोबल भी बढ़ेगा। इसे अयोध्या में स्थापित किया जाएगा। 
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ताला कारीगर सत्यप्रकाश शर्माहिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अशोक कुमार पांडेय ने बताया कि ताला बनाने वाले सत्य प्रकाश शर्मा के सपने को पूरा करने के लिए महामंडलेश्वर डॉ. अन्नपूर्णा भारती ने अधूरे पड़े इस ताले के निर्माण को पूरा कराया है। अब इस ताले को राम लला के चरणों में समर्पित किया जाएगा। यहां अभिषेक गुप्ता, हर्ष गुप्ता, मनोज सैनी, बबली उपाध्याय, प्रियव्रत मिश्रा, डॉ. भगत सिंह आदि कार्यकर्ता आदि मौजूद थे। 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन पर भेंट किया था ताला 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर 17 सितंबर को ताला कारीगर सत्यप्रकाश शर्मा एवं उनकी पत्नी रुक्मिणी शर्मा ने दिल्ली में पहुंचकर मुलाकात की और अपने हाथों से बनाए छह किलोग्राम के ताले को भेंट किया था। सत्यप्रकाश शर्मा ने प्रधानमंत्री से कहा था कि उनका वर्षों पुराना सपना साकार हो गया है। इस मुलाकात के बाद दोनों बेहद भावुक हो गए थे। दंपती ने प्रधानमंत्री को बताया था कि अयोध्या के श्री राम मंदिर के लिए उन्होंने 400 किलोग्राम वजन का एक भव्य ताला तैयार किया है, जिसे वे मंदिर के लोकार्पण से पहले ही सौंपेंगे। 

पिछले दिनों अलीगढ़ पहुंचे श्रीराम जन्मभूमि न्यास ट्रस्ट के प्रमुख महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज से भी उन्होंने मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया था। दंपती ने बताया कि इस ताले की तीन फिट चार इंच लंबी चाभी करीब 30 किलोग्राम की है। इसके निर्माण पर करीब पांच लाख रुपये का खर्चा आया है। 12 दिसंबर को सत्यप्रकाश शर्मा की हृदयाघात से उनकी मृत्यु हो गई। उनकी पत्नी रुक्मणि देवी एवं बेटे महेश शर्मा के अनुसार पिता ताले में श्रीराम एवं हनुमान की मूर्तियां भी लगा रहे थे। ताले को अयोध्या श्रीराम मंदिर को भेंट करने के लिए इसे महामंडलेश्वर डॉ. अन्नपूर्णा भारती को सौंप दिया है।
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