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दल तो बदला, अब किस्मत बदलने का इंतजार

Mon, 27 Feb 2017 01:25 PM IST
सचिन मुद्गल
सचिन मुद्गल Updated Mon, 27 Feb 2017 01:25 PM IST
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up election 2017 : learders are The party then changed in up poll
अंब‌िका चौधरी बसपा में शाम‌िल - फोटो : amar ujala

सूबे के कई चेहरों ने चुनावी वैतरणी पार करने के लिए समीकरणों के मद्देनजर नए सियासी ठिकाने तलाश लिए हैं। बावजूद इसके यह सवाल अपनी जगह कायम है कि दल बदलने के बाद क्या उनकी किस्मत बदलेगी? हार इस बार जीत में तब्दील होगी या शिकस्त ही खानी पड़ेगी। ऐसे चेहरों में कोई एक शख्स या एक सियासी पार्टी नहीं है। कई चेहरे ऐसे हैं और सभी सियासी पार्टियों ने ऐसे लोगों को गले लगाया है।

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अंबिका चौधरी सूबे के प्रमुख सियासी चेहरे माने जाते हैं। कई बार विधायक रहे, लेकिन पिछला चुनाव हार गए थे। इस बार बसपा से किस्मत आजमा रहे हैं। अयोध्या से भाजपा उम्मीदवार वेदप्रकाश गुप्ता इससे पहले सपा और बसपा से चुनाव लड़ चुके हैं लेकिन जीत नहीं पाए। इस बार वे भाजपा के टिकट पर मैदान में हैं।
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फैजाबाद की बीकापुर सीट से जितेंद्र सिंह बबलू पिछली बार पीस पार्टी से चुनाव लड़े थे, लेकिन सफल नहीं हुए तो इस बार बसपा के सहारे मैदान में आ डटे। यहीं की गोसाईंगंज सीट से भाजपा उम्मीदवार इंद्रप्रताप तिवारी पिछली बार बसपा से लड़े थे।
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इन्होंने भी ढूंढा नया ठिकाना

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इन्होंने भी ढूंढा नया ठिकाना
चंदौली की चकिया सीट से भाजपा के टिकट पर मैदान में उतरे शारदा प्रसाद पिछला चुनाव बसपा से लड़े थे, लेकिन जीत नहीं पाए। इसी तरह वाराणसी की पिंडरा सीट से भाजपा उम्मीदवार अवधेश सिंह कांग्रेस के टिकट पर चार चुनाव लड़े लेकिन हार गए। यहीं की शिवपुर सीट से भाजपा से लड़ रहे अनिल राजभर सपा के टिकट पर न सिर्फ विधानसभा का पिछला चुनाव लड़े बल्कि लोकसभा का चुनाव भी लड़े थे, पर जीत नहीं पाए।

स्वामी प्रसाद मौर्य के बेटे उत्कर्ष मौर्य पिछला चुनाव बसपा के टिकट पर रायबरेली की ऊंचाहार सीट से लड़े थे लेकिन जीत नहीं पाए। इस बार वे भाजपा के टिकट पर किस्मत आजमा रहे हैं। सोनभद्र के घोरावल से भाजपा प्रत्याशी अनिल मौर्य भी 2012 में बसपा के टिकट पर चुनाव हार गए थे।

नए समीकरणों से जीत की तलाश
बसपा सरकार में मंत्री रहे फागू चौहान भी पिछला चुनाव हार गए थे। इस बार उन्होंने भाजपा का दामन थामा और मऊ की घोसी सीट से मैदान में हैं। सपा के टिकट पर 2007 का चुनाव हार चुके दीनानाथ भास्कर को भाजपा ने औराई से प्रत्याशी बनाया है।

बसपा से लोकसभा का चुनाव हार चुके दारासिंह चौहान अब विधानसभा पहुंचने के लिए भाजपा की नाव में सवार हैं। चौहान को भाजपा ने मधुबन से प्रत्याशी बनाया है। जगदीश मिश्र उर्फ बाल्टी बाबा भी दो चुनाव हारने के बाद बसपा से भाजपा में आए और अब तमकुही राज से भाजपा के उम्मीदवार हैं।

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