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निलंबित एसएचओ के पक्ष में उतरीं महिलाएं
पठानकोट
Updated Sat, 05 Oct 2013 10:43 PM IST
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पुलिस थाना डिवीजन नं.-2 के एसएचओ सुखजिंदर सिंह को निलंबित किए जाने के मामले में नया मोड़ आ गया है। शनिवार को एसएचओ के समर्थन में उतरकर लोगों ने जम्मू-जालंधर राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्की पुल पर धरना दिया। इस अवसर पर प्रदर्शनकारियों ने एसएचओ का निलंबन वापस लेने की मांग कर जोरदार नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियाें ने डीएसपी सिटी वरिंदर सिंह को डीसी के नाम ज्ञापन सौंपा। मालूम हो कि थाना डिवीजन नं.-2 में 29 जुलाई, 2013 को दशमेश नगर निवासी महक पुरी पुत्री रजनीश पुरी की शिकायत पर मोगा निवासी एनआरआई पति वरुण वर्मा, ससुर रोहित, सुमन वर्मा व ननद मेघना के खिलाफ दहेज उत्पीड़न के आरोप में मामला दर्ज किया गया था।
आरोप है कि वरुण को दिल्ली एयरपोर्ट पर पकड़ने के लिए एसएचओ सुखजिंदर सिंह बिना अपने वरिष्ठ अफसरों को बताए चले गए थे और वहां से वरुण को थाने में लाकर अभद्र व्यवहार किया। इसकी शिकायत पर एसएसपी सुखवंत सिंह गिल (अतिरिक्त कार्यभार) ने एसएचओ को निलंबित कर दिया था।
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शनिवार को एसएचओ के पक्ष में लड़की पक्ष के लोग उतर आए और न्यू चक्की पुल पर लोगों ने धरना देकर निलंबन वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि एनआरआई दूल्हों के जुल्मों का शिकार होने वाली महिलाओं को इंसाफ दिलाने वाले पुलिस कर्मचारियों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।
इससे पुलिस का मनोबल भी गिरेगा। महक पुरी के पिता रजनीश पुरी, माता ज्योति पुरी व प्रेम गोपाल पुरी ने बताया कि एसएचओ ने तीन आरोपियों को दिल्ली एयरपोर्ट पर काबू किया था। उन्होंने कहा कि नगर की जनता थाना प्रभारी के कार्यों व प्रयासों की सराहना करती है।
उन्होंने कहा कि एसएचओ ने अपनी टीम के साथ तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जो भारत न आने के कारण पुलिस से बच रहे थे। उन्होंने मांग की कि महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए वाले एसएचओ का निलंबन वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो संघर्ष को और तेज कर दिया जाएगा।
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प्रदर्शनकारियाें ने डीएसपी सिटी वरिंदर सिंह को डीसी के नाम ज्ञापन सौंपा। मालूम हो कि थाना डिवीजन नं.-2 में 29 जुलाई, 2013 को दशमेश नगर निवासी महक पुरी पुत्री रजनीश पुरी की शिकायत पर मोगा निवासी एनआरआई पति वरुण वर्मा, ससुर रोहित, सुमन वर्मा व ननद मेघना के खिलाफ दहेज उत्पीड़न के आरोप में मामला दर्ज किया गया था।
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आरोप है कि वरुण को दिल्ली एयरपोर्ट पर पकड़ने के लिए एसएचओ सुखजिंदर सिंह बिना अपने वरिष्ठ अफसरों को बताए चले गए थे और वहां से वरुण को थाने में लाकर अभद्र व्यवहार किया। इसकी शिकायत पर एसएसपी सुखवंत सिंह गिल (अतिरिक्त कार्यभार) ने एसएचओ को निलंबित कर दिया था।
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शनिवार को एसएचओ के पक्ष में लड़की पक्ष के लोग उतर आए और न्यू चक्की पुल पर लोगों ने धरना देकर निलंबन वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि एनआरआई दूल्हों के जुल्मों का शिकार होने वाली महिलाओं को इंसाफ दिलाने वाले पुलिस कर्मचारियों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।
इससे पुलिस का मनोबल भी गिरेगा। महक पुरी के पिता रजनीश पुरी, माता ज्योति पुरी व प्रेम गोपाल पुरी ने बताया कि एसएचओ ने तीन आरोपियों को दिल्ली एयरपोर्ट पर काबू किया था। उन्होंने कहा कि नगर की जनता थाना प्रभारी के कार्यों व प्रयासों की सराहना करती है।
उन्होंने कहा कि एसएचओ ने अपनी टीम के साथ तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जो भारत न आने के कारण पुलिस से बच रहे थे। उन्होंने मांग की कि महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए वाले एसएचओ का निलंबन वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो संघर्ष को और तेज कर दिया जाएगा।