{"_id":"070c9afeeb8b63517650fdb9812b424b","slug":"sgpc-parliament-sikhs-badal-gurdaspur-batala","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसजीपीसी सिखों की संसद, किसी को इसके एक्ट में तब्दीली का हक नहीं : बादल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसजीपीसी सिखों की संसद, किसी को इसके एक्ट में तब्दीली का हक नहीं : बादल
गुरुदासपुर/बटाला।
Updated Sat, 05 Jul 2014 10:27 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि हरियाणा में अलग शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के गठन का सामना कभी साकार नहीं होगा। उन्होंने इस मुद्दे पर कांग्रेस की आलोचला की। साथ ही कहा कि ऐसा कदम सिखों पर तीसरे बड़े हमले के समान है।
बादल ने नशा मुक्ति केंद्रों के निरीक्षण के दौरान पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि कांग्रेस हरियाणा में अलग शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनाने का सपना देख रही है। कांग्रेस शुरू से ही चाल के तहत सिखों के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप करती रही है।
उन्होंने 1984 के दंगे को कांग्रेस की ही चाल का हिस्सा बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले भी कांग्रेस ने हरियाणा में अलग शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनाने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री डा.मनमोहन सिंह से अपील की थी, लेकिन मनमोहन सिंह ने ऐसा करने से मना कर दिया था। अब हमें पूरी आशा है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कांग्रेस की मांग को कभी स्वीकार नहीं करेंगे ।
विज्ञापन
बादल ने आरोप लगाया कि हरियाणा के विधानसभा चुनाव में वोट हासिल करने के लिए ही कांग्रेस की ओर से अलग एसजीपीसी के गठन का सिगूफा छोड़ा गया है। चुनाव बाद यह मुद्दा खुद-ब-खुद ठंडा पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बहुत कुर्बानियों के बाद अस्तित्व में आई है। पूरे देश में इसके मैंबर हैं। यह सिखों की संसद है। किसी को भी यह अधिकार नहीं है कि इसके बने एक्ट में कोई तबदीली कर सके।
विज्ञापन
बादल ने नशा मुक्ति केंद्रों के निरीक्षण के दौरान पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि कांग्रेस हरियाणा में अलग शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनाने का सपना देख रही है। कांग्रेस शुरू से ही चाल के तहत सिखों के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप करती रही है।
विज्ञापन
उन्होंने 1984 के दंगे को कांग्रेस की ही चाल का हिस्सा बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले भी कांग्रेस ने हरियाणा में अलग शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनाने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री डा.मनमोहन सिंह से अपील की थी, लेकिन मनमोहन सिंह ने ऐसा करने से मना कर दिया था। अब हमें पूरी आशा है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कांग्रेस की मांग को कभी स्वीकार नहीं करेंगे ।
विज्ञापन
बादल ने आरोप लगाया कि हरियाणा के विधानसभा चुनाव में वोट हासिल करने के लिए ही कांग्रेस की ओर से अलग एसजीपीसी के गठन का सिगूफा छोड़ा गया है। चुनाव बाद यह मुद्दा खुद-ब-खुद ठंडा पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बहुत कुर्बानियों के बाद अस्तित्व में आई है। पूरे देश में इसके मैंबर हैं। यह सिखों की संसद है। किसी को भी यह अधिकार नहीं है कि इसके बने एक्ट में कोई तबदीली कर सके।