{"_id":"925a68288c7d5e7d74e0d96844a08ca5","slug":"police-india-crime-meeting-pathankot-nri","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रवासी भारतीयों पर होगी पुलिस की नजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रवासी भारतीयों पर होगी पुलिस की नजर
पठानकोट ।
Updated Thu, 03 Apr 2014 10:34 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसी भी कार्य के लिए भारत आने वाले एनआरआई पर अब हर समय पुलिस की नजर रहेगी। एनआरआई का जहाज भारतीय धरती पर लैंड करने से पहले ही उनके आने की सूचना भारत सरकार, राज्य की जिला पुलिस तक पहुंचाए जाएगी। ऐसा प्रावधान किया जा रहा है गृह मंत्रालय के प्रोजेक्ट आईवीएफआरटी (इमीग्रेशन वीजा फारेनर रजिट्रेशन ट्रैकिंग) के तहत।
यह जानकारी पुलिस के साथ वीरवार को यहां हुई होटल मालिकों की बैठक में दी गई। बैठक में पुलिस की ओर से बताया गया कि पिछले समय से देश भर से गृह मंत्रालय द्वारा एकत्रित किए गए क्राइम डाटा में एनआरआई के नामों की लंबी चौड़ी सूची अपराधिक मामलों में पाई गई है। एनआरआई पर दर्ज मामलों की संख्या ज्यादा होने के बावजूद एनआरआई आरोपियों की गिरफ्तारी कम हुई है।
कारण यह रहा है कि एनआरआई दूसरे देशों के नागरिक होने के कारण आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देकर विदेश भाग जाते हैं। बाद में मामला ठंडा होने के पश्चात पुन: किसी न किसी ढंग से भारत पहुंच कर ऐश करते हैं।
विज्ञापन
स्थानीय एक होटल में होटल मालिकों के साथ हुई बैठक में पुलिस विभाग के अधिकारी एसएम शर्मा व राजेंद्र सिंह की ओर से एनआरआई को लेकर पुलिस को उचित सुरक्षा व्यवस्था संबंधी जानकारी दी गई।
वहीं होटेल मालिकों से कहा गया कि जैसे ही कोई विदेशी उनके होटल में आकर रुकता है तो वे उसके बारे में सारी जानकारी प्राप्त कर आनलाइन उन्हें भेजेंगे। उन्होंने बताया कि आन लाइन जानकारी मिलने पर विभाग विदेशियों पर नजर रख पाएगा। इस मोके पर एसपी नरेंद्र बेदी, डीएसपी मनोज ठाकुर, एसएचओ अश्विनी कुमार व होटल यूनियन के राकेश औल व रमेश टोला मौजूद थे।
विज्ञापन
यह जानकारी पुलिस के साथ वीरवार को यहां हुई होटल मालिकों की बैठक में दी गई। बैठक में पुलिस की ओर से बताया गया कि पिछले समय से देश भर से गृह मंत्रालय द्वारा एकत्रित किए गए क्राइम डाटा में एनआरआई के नामों की लंबी चौड़ी सूची अपराधिक मामलों में पाई गई है। एनआरआई पर दर्ज मामलों की संख्या ज्यादा होने के बावजूद एनआरआई आरोपियों की गिरफ्तारी कम हुई है।
विज्ञापन
कारण यह रहा है कि एनआरआई दूसरे देशों के नागरिक होने के कारण आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देकर विदेश भाग जाते हैं। बाद में मामला ठंडा होने के पश्चात पुन: किसी न किसी ढंग से भारत पहुंच कर ऐश करते हैं।
विज्ञापन
स्थानीय एक होटल में होटल मालिकों के साथ हुई बैठक में पुलिस विभाग के अधिकारी एसएम शर्मा व राजेंद्र सिंह की ओर से एनआरआई को लेकर पुलिस को उचित सुरक्षा व्यवस्था संबंधी जानकारी दी गई।
वहीं होटेल मालिकों से कहा गया कि जैसे ही कोई विदेशी उनके होटल में आकर रुकता है तो वे उसके बारे में सारी जानकारी प्राप्त कर आनलाइन उन्हें भेजेंगे। उन्होंने बताया कि आन लाइन जानकारी मिलने पर विभाग विदेशियों पर नजर रख पाएगा। इस मोके पर एसपी नरेंद्र बेदी, डीएसपी मनोज ठाकुर, एसएचओ अश्विनी कुमार व होटल यूनियन के राकेश औल व रमेश टोला मौजूद थे।